बरवाडीह (लातेहार)। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के कई छात्र सोमवार को विद्यालय से निकलकर अपनी शिकायत लेकर बरवाडीह प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचे. सभी छात्र कक्षा आठवीं और नौवीं के थे. बच्चों ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक कमलेश कुमार पर छोटी-छोटी बातों को लेकर मारपीट करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. प्रखंड कार्यालय पहुंचे बच्चों ने बताया कि प्रधानाध्यापक द्वारा कई बार उन्हें 50 से 60 डंडे तक मारे जाते हैं, जिससे हाथ-पैर में सूजन आ जाती है. बच्चों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक उन्हें धमकी देते हैं कि विद्यालय से निकाल दिया जाएगा. एक छात्र ने आरोप लगाया कि एक गलती स्वीकार करने के बाद भी उसे बुरी तरह पीटा गया, जिससे हाथ-पैर में सूजन के साथ खून तक निकल आया था. छात्र के अनुसार, उसके बाल भी छिलवा दिए गए थे. बच्चों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक द्वारा आदिवासी बच्चों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की जाती है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. मामले की जानकारी मिलने पर सांसद प्रतिनिधि दीपक राज ने प्रखंड कार्यालय पहुंचकर बच्चों से मुलाकात की और उनकी शिकायतें सुनीं. उन्होंने प्रधानाध्यापक कमलेश कुमार से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बच्चों के अनुसार फोन रिसीव नहीं किया गया और बाद में मोबाइल बंद हो गया. इसके बाद विद्यालय के अन्य शिक्षकों से मामले की जानकारी ली गई. शिक्षकों ने कथित तौर पर बताया कि कुछ बच्चों के साथ प्रधानाध्यापक द्वारा अधिक सख्ती की जाती है और कई बार शिक्षकों ने बच्चों को बचाने का प्रयास भी किया है. वहीं मामले को लेकर सांसद प्रतिनिधि दीपक राज ने दूरभाष पर सांसद कालीचरण सिंह को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया. सांसद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए. सांसद के निर्देश के बाद विद्यालय के अन्य शिक्षक बरवाडीह प्रखंड कार्यालय पहुंचे और बच्चों को वापस विद्यालय ले गए. जानकारी के अनुसार इससे पहले छात्र प्रदीप और विकास भी भागा था. कई बार इस तरह की घटना हो गई है कि प्रधानाध्यापक के खौफ से इस तरह बच्चे भागे है. कई बच्चे तो दुबारा विद्यालय वापस आना नहीं चाहते हैं. पिछले बार भी प्रधानाध्यापक ने कई बच्चों को भूत प्रेत कहकर विद्यालय से बाहर निकाल दिया था. जिसके बाद दुबारा गलती नहीं करने की बात कही थी. सांसद प्रतिनिधि दीपक राज ने जिले के वरीय अधिकारियों से दोषी शिक्षक पर कार्रवाई की मांग की है. हालांकि इस संबंध में प्रधानाध्यापक का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है. अगर पक्ष प्राप्त होता है तो उस भी हुबहू प्रकाशित किया जायेगा.