
लातेहार। एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के बालुमाथ के नॉर्थ धाधू कोल परियोजना (पूर्वी भाग) के लिए जमीन नहीं देने का निर्णय ग्रामीणों ने लिया है. शुक्रवार को ग्रामीणों की एक ग्रामसभा कर यह निर्णय लिया है. बता दें कि कंपनी को एफआरए के तहत ग्रामसभा से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना है. अनापत्ति प्रमाण लेने के लिए कंपनी परियेाजना क्षेत्र में ग्रामसभा करायेगी और इसके लिए तिथि मुकर्रर की है. लेकिन अब ग्रामीण प्रस्तावित ग्रामसभा के विरोध में गोलबंद होने लगे हैं. ग्रामीणों में खासा आक्रोश देखा जा रहा है. यही कारण है कि ग्रामीणों ने शुक्रवार को गेरेंजा में हराफू स्कूल के पास ग्रामसभा कर अपना विरोध दर्ज कराया. ग्रामीणों ने गैरमजरूआ, जंगल झाड़ और वनभूमि के लिए प्रस्तावित ग्रामसभा का विरोध करने का निर्णय लिया गया. ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन उनके पूर्वजों की है.

उनके पूर्वज कई पीढ़ियों से इस जमीन पर काबिज रहे हैं. अगर कंपनी आएगी तो वे सभी विस्थापित हो जायेगें. सरना समिति के प्रखंड सचिव शंकर उरांव ने कहा कि कंपनी को प्रशासन का संरक्षण में प्राप्त है. कंपनी प्रशासन के साथ मिल कर ग्रामीणों के जमीन को हड़पना चाहती है. लेकिन वे किसी भी कीमत में पूर्वजों की खेतिहर जमीन को कंपनी के हवाले नहीं करेगें. चाहे इसके लिए कहीं भी जाना पड़े. शंकर उरांव ने जमीन हस्तांतरण करने के लिए एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड को संरक्षण नहीं देने की मांग जिला प्रशासन से की है.




