लातेहार। श्री वैष्णव दुर्गा मंदिर, लातेहार के 32 वें वार्षिकोत्सव का तीन दिवसीय कार्यक्रम का 28 जनवरी को कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुआ. मंदिर परिसर से प्रात: नौ बजे कलश यात्रा निकाली गयी. मौके पर बतौर मुख्य यजमान संतोष कुमार (पिंटू) सपत्नीक और बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम मौजूद थे. मौके पर पंडित त्रिभुवन पांडेय व रामेश्वर पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चारण किया. कलश यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ हो कर थाना चौक पहुंची. इसके बाद शहर के मुख्य पथ होते हुए काली मंदिर मोड़ पहुंची. इसके बाद कलश यात्रा पुन: मुख्य पथ होते हुए मानस पथ पहुंची.
इसके बाद बाइपास चौक होते हुए चटनाही स्थित औरंगा नदी छठ घाट पहुंची. यहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कलशों मे में जल भरा गया. कलश यात्रा में श्रद्धालुओं ने जय माता दी का जयघोष किया. इसके बाद कलश यात्रा पुन: मंदिर परिसर पहुंची. यहां आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया. कलश यात्रा में मां दुर्गा की प्रतीकात्मक प्रतिमा बनायी गयी थी. मौके पर संरक्षक अभिनंदन प्रसाद, सचिव आशीष टैगोर, सह सचिव रंजीत कुमार व रविंद्र प्रजापति, कोषाध्यक्ष राजू रंजन सिंह, अशोक दास, ओमप्रकाश गुप्ता (राजू), उज्जवल साहू, दीपक विश्वकर्मा, दीपू प्रसाद, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सीतामणी तिर्की, प्रभात कुमार, विशाल कुमार, सुरेश प्रसाद, दुर्गा प्रसाद, प्रदीप प्रसाद, विजय प्रसाद, पंकज प्रसाद गुप्ता, राजू प्रसाद, आकाश कुमार जायसवाल, विजेंद्र दास व परितोष ठाकुर आदि मौजूद थे.
29 जनवरी को जायेगी दुर्गा सप्तशति का पाठ
कलश यात्रा के बाद 29 जनवरी को कलशों की स्थापना कर पुजारी त्रिभुवन पांडेय के सानिध्य में दुर्गासप्तशती का पाठ किया जायेगा. पाठ के बाद हवन व पुर्णाहुति की जायेगी. इस मौके पर लोगों से भाग लेने की अपील की गयी है.
30 जनवरी को होगा भंडारा व भगवती जागरण
30 जनवरी की अपराह्न 12 बजे नौ कन्या पूजन की जायेगी. इसके बाद भंडारा का शुभारंभ किया जायेगा. आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि मंदिर समिति के द्वारा 10 से 12 हजार श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की जा रही है. भंडारा अपराह्न 4:30 बजे तक चलेगा. इसके बाद समिति के द्वारा संध्या सात बजे महा आरती की जायेगी. रात्रि आठ बजे से नव दुर्गा जागरण मंडली, झारखंड के द्वारा मंदिर परिसर में भगवती जागरण किया जायेगा. तारा रानी की कथा के साथ जागरण का समापन होगा. 31 जनवरी को को माता की प्रतीकात्मक प्रतिमा का विसर्जन के साथ अनुष्ठान संपन्न होगा.
आलोक मोहन सेवा स्मृति आश्रम ने की पेयजल की व्यवस्था
कलश यात्रा के दौरान शहर के अमवाटीकर मोड़ पर आलोक मोहन सेवा स्मृति आश्रम के द्वारा कलशधारियों के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था की गयी थी. इस मौके पर संस्थान के संयोजक श्याम अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, मनोज विश्वकर्मा समेंत कई लोग मौजूद थे. इसके अलावा मानस पथ में दीपक स्टील प्रतिष्ठान के द्वारा भी शीतल पेयजल की व्यवस्था कलशधारियों के लिए की गयी थी.