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इन संभावित रोगियों की स्क्रीनिंग कर समय पर इलाज की व्यवस्था की जाएगी।प्रशिक्षण के दौरान टीबी के लक्षण, जांच प्रक्रिया और उपचार पद्धतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के समापन पर सीएचओ और एसटीएस को अपने क्षेत्रों में जन-जागरूकता बढ़ाने और सक्रिय निगरानी करने के लिए प्रेरित किया गया। इस पहल से टीबी रोगियों की समय पर पहचान और इलाज सुनिश्चित होगा, जिससे टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीडीएम, डीपीसी, एसटीएलएस, एसटीएस, सीएचओ सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।