


माता-पिता बच्चों के पहले आदर्श और रियल हीरो होते हैं, जो न केवल नैतिक मूल्य सिखाते हैं, बल्कि सुरक्षित व प्रेमपूर्ण वातावरण देकर उनके चरित्र का निर्माण भी करते हैं. उन्होने बच्चों की भावनाओं को समझने एवं उनके साथ समय बिताने की जरूरत पर भी बल दिया. कक्षा पांच में वर्ग शिक्षक अगस्त राज ने अभिभावकों को उनके बच्चों के परीक्षा परिणाम से अवगत कराया.
उन्होने ऐसे बच्चे जो कम अंक लाये हैं, उनके अभिभावकों से कहा कि कई बार ऐसा होता है कि बच्चे सब जानते हैं, लेकिन परीक्षा के समय वे ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं. उन्होने अपने बच्चों को मोबाइल व टीवी से दूर रखने की सलाह दी. कहा कि मोबाइल का अधिक प्रयोग करने से बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं और वे किसी चीज में ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं. पीटीएम में संतोष जायसवाल, आशीष कुमार, संतोष प्रजापति समेंत कई अभिभावक आदि मौजूद थे.
