बरवाडीह (लातेहार)। झारखंड सरकार की पहल और स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह के प्रयासों से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा बरवाडीह प्रखंड को मिली टाइगर सफारी की सौगात इस क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी. यह बात पश्चिमी क्षेत्र की जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर ने कही. उन्होंने बताया कि विगत तीन से चार दशकों से प्रखंड का अधिकांश हिस्सा टाइगर प्रोजेक्ट के अधीन चले जाने के कारण क्षेत्र की कोलयरी समेत अन्य रोजगार के साधन पूरी तरह बंद हो गए. वर्ष 2015 में इको सेंसेटिव जोन लागू होने के बाद स्थानीय स्तर पर ईंट भट्ठे और क्रशर भी बंद हो गए, जिससे यह इलाका बेरोजगारी पलायन के साथ स्थानीय बाजारों में मंदी छा गई. जिला परिषद सदस्य ने कहा कि अब टाइगर प्रोजेक्ट और इको सेंसेटिव के बीच झारखंड सरकार द्वारा दी गई टाइगर सफारी की सौगात सैकड़ों परिवारों के लिए खुशियां लेकर आएगी. इस परियोजना को वर्ष 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य है. इसके तहत रोजाना सैकड़ों की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटकों का आगमन होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, गाइड और छोटी बड़ी दुकाने, हस्तशिल्प जैसे रोजगार में नए अवसर पैदा होंगे. संतोषी शेखर ने यह भी स्पष्ट किया कि सफारी खुलने से पुटुआगढ़ और छेचा पंचायत के लोगों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस पर्यटन स्थल से हर दृष्टिकोण से फायदा ही मिलेगा. पर्यटन विभाग की योजना में छेचा पंचायत को टाइगर सफारी के साथ-साथ कई अन्य छोटे-बड़े पर्यटन स्थलों से जोड़ने की भी तैयारी है, जिससे स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिल सकेगा।