लातेहार। सदर प्रखंड के नावागढ़ गांव की रानी देवी आज अपनी मेहनत और समूह से जुड़ाव के दम पर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं. रानी देवी 2014 में गुलाब आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थीं. उस समय उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी और पति बेरोजगार थे, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया था. ओएसएफ फंड और समूह की मदद से रानी देवी ने 50,000 रुपये का ऋण लेकर अपने घर के आगे एक छोटा होटल शुरू किया. उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर समोसा, आलू चॉप, कचरी और निमकी बनाकर बेचना शुरू किया. आज वह अपने व्यवसाय से महीने में 8,000 से 10,000 रुपये तक कमा लेती हैं और नियमित रूप से समूह का ऋण चुका रही हैं. जेएसएलपीएस के बीपीएम आलोक कुमार और सुजीत कुमार ने ओएसएफ फंड से खुले इस दुकान का स्थलीय सत्यापन (वेरिफिकेशन) किया. रानी देवी अब न केवल अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और परवरिश अच्छे से कर पा रही हैं, बल्कि भविष्य में एक बड़ा होटल खोलने का सपने भी देख रही हैं. उनका कहना है कि समूह से जुड़ना उनके जीवन का सबसे बड़ा सकारात्मक कदम रहा है.