लातेहार। पुलिस ने सरकारी लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार जेल भी भेज दिया है. पुलिस ने उनके पास से छह लाख 10 हजार रूपये नगद बरामद किया है. पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव को मिली गुप्त सूचना पर बालुमाथ थाना पुलिस के द्वारा यह कार्रवाई की गयी है. बालूमाथ थाना परिसर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विनोद रवानी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव को गुप्त सूचना मिली थी कि बालूमाथ के मुरपा मोड़ के दिनेश साव के मकान में फाइनेंस सॉल्यूशन सेंटर नामक नाम का एक ऑफिस खोला गया है. यहां से बालुमाथ व आसपास के सैकड़ो ग्रामीणों से सरकारी लोन दिलाने के नाम पर ठगी की जा रही है. गिरोह के सदस्य भोले भाले ग्रामीणों को पशुपालन, सीएमईजीपी, पीएमईजीपी पीएमएफएमई, एमएसएमई, पीएमएमवाई, पीएमभीवाई सरकारी योजनाओं के तहत लोन दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से लाखों रुपये की ठगी की गई है.
गिरफ्तार आरोपी
ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्य अब्दुल कुद्दुस अंसारी, पिता गुलाम नबी (लपंगा, पतरातू, रामगढ़), पीयूष कुमार अग्रवाल, पिता कैलाश अग्रवाल, (रामगढ़) व अजय कुमार उरांव, पिता स्वर्गीय नागदेव उरांव (रोन्हे, गड़गोमा, बारियातू, लातेहार) को गिरफ्तार करके लातेहार जेल भेज दिया गया है. एसडीपीओ विनोद रवानी ने बताया कि कई बड़े शहरों में भी इस गिरोह के फर्जी बैंक संचालित है. जिसका बालूमाथ पुलिस ने पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इनके पास से लगभग छह लाख 10 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन व कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं. ठगी से जुड़े बैंक खातों को सीज कर दिया गया है. जानकारी के अनुसार करीब 300 से अधिक लोगों से 18 से 20 लाख रुपये लातेहार जिला के विभिन्न प्रखंडों से ठगी की गई थी.
एसपी ने गठित की थी टीम
सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक छापामारी टीम का गठन किया गयाा. गठित टीम ने मुरपा रोड स्थित कार्यालय पर छापेमारी की. जांच के दौरान कार्यालय में मौजूद कर्मियों ने बताया कि उन्हें इस कंपनी के मालिक गौरव सिंह के निर्देश पर ग्रामीणों को सरकारी लोन का लालच देकर पैसे की उगाही करने को कहा गया था. अवैध उगाही की राशि में से प्रत्येक कर्मी को तीन से चार लाख रुपये देने की बात कही गई थी. जब पुलिस ने वैध कागजात की मांग की तो कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका. कंपनी के मालिक से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने मोबाइल बंद कर लिया.
कपंनी का मालिक फर्जी आधार पर मोबाइल नंबर का कर रहा था इस्तेमाल
जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी का मालिक फर्जी आधार और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रहा था. इस संबंध में बालूमाथ थाना कांड संख्या 138/25, दिनांक 21.12.2025 को धारा 316(2)/318(4)/338/336(3)/340(2)/61(2) बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. छापामारी दल में पुलिस निरीक्षक परमानन्द बिरूआ, बालूमाथ थाना प्रभारी अमरेन्द्र कुमार, धीरज कुमार सिंह, देवेन्द्र कुमार, अशोक कुमार, गौतम कुमार एवं सशस्त्र पुलिस बल के जवान मौजूद थे.