लातेहार
वीर बाल दिवस पर भाजपा ने किया संगोष्ठी का आयोजन


उनका साहस हमें याद दिलाता है कि हमें किस प्रकार का देश बनाना है ऐसा देश जो भाई की बजाय धर्म के अत्याचार के वजह सत्य को और स्वार्थ की वजह बलिदान को चुनता है. जब छोटे साहबजादौ को दीवार में जिंदा चुनवाया गया है, हमारे इतिहास के सबसे पीड़ा दायक और पवित्र स्थान में से एक है उस दिन माता गुजरी जी ने उन्हें नीला बाना पहनाया असहाय की तरह नहीं बल्कि बलिदान के लिए तैयार योद्धाओं की तरह, दीवार उठती गई फिर भी उन्होंने समझौते की पुकार नहीं कि, उन्होंने जीवन के बदले अपना धर्म नहीं बेचा जब हम वीर बाल दिवस मनाते हैं तो हम साहबजादौ द्वारा आत्मसमर्पण के बजाय शहादत चुनने के इस सर्वोच्च निर्णय का सम्मान करते हैं. बाबा वीर साहबजादौ को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके इस बलिदान को 26 दिसंबर 2022 को वीर बाल दिवस मनाने का निर्णय पूरे देश में लागू किया. 
