बालूमाथ (लातेहार)। केंद्र सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों में प्रस्तावित यूजीसी बिल को लेकर सवर्ण समाज में गहरा रोष व्याप्त है. सवर्ण समाज के लोगों का आरोप है, कि एक ओर सरकार जातीय समानता की बात कर रही है, तो दूसरी ओर यह बिल सवर्ण जाति के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाला साबित हो सकता है. समाज के लोगों का कहना है, कि यदि यह कानून लागू होता है, तो सवर्ण जाति के छात्र छात्राओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कराए जाने की आशंका बढ़ जाएगी. एफआईआर दर्ज होने की स्थिति में चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो सकेगा. जिससे होनहार विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो सकता है. इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को बालूमाथ स्थित होटल देव इन में सवर्ण समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है. बैठक में यूजीसी बिल के संभावित प्रभावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा तथा इसके विरोध में आगे की रणनीति तय की जाएगी. बैठक के आयोजकों ने सवर्ण समाज के सभी बुद्धिजीवियों, युवाओं एवं गणमान्य नागरिकों से अपील की है, कि वे ससमय उपस्थित होकर समाज हित में अपनी सहभागिता निभाएं.