बरवाडीह (लातेहार)। धनबाद के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय के सभागार में बुधवार को आयोजित मंडल रेलवे संसदीय समिति की बैठक में चतरा लोकसभा क्षेत्र के सांसद कालीचरण सिंह ने छिपादोहर एवं हेहेगड़ा रेल स्टेशन के प्रस्तावित विस्थापन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. उन्होंने दोनों रेल स्टेशनों और रेल लाइन को हटाने अथवा स्थानांतरित करने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए इसे क्षेत्र के लोगों के हितों के विपरीत बताया. बैठक के दौरान सांसद ने वन विभाग की आपत्ति के बाद कराए गए नए रेल सर्वे पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि नए प्रस्तावित मार्ग को बेतला राष्ट्रीय उद्यान के अत्यंत घने जंगल एवं वन्यजीव बहुल क्षेत्र से होकर ले जाने के लिए अनापत्ति (एनओसी) दिए जाने पर गंभीर आपत्ति है. उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि इस गंभीर विषय को लोकसभा में भी उठाया जाएगा. बैठक के दौरान उपस्थित ग्रामीण प्रतिनिधियों ने भी वन विभाग की नीति पर नाराजगी जताई. उनका कहना था कि विभाग अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए ऐसी नीतियां बना रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है. ग्रामीणों ने सांसद तथा डीआरएम अखिलेश मिश्रा को बताया कि इसी वर्ष जनवरी में वन विभाग ने बेतला राष्ट्रीय उद्यान में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की थी. इसके बावजूद उद्यान से सटे उकामाड़, कुचिला, मतनाग जैसे घने वन क्षेत्रों से होकर रेल लाइन ले जाने और केड़ गांव में नया रेलवे स्टेशन प्रस्तावित करना वन्यजीव संरक्षण की भावना के विपरीत है. ग्रामीणों ने कहा कि यही वे क्षेत्र हैं, जहां मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं होती रही हैं तथा फसलों और संपत्तियों के नुकसान पर वन विभाग स्वयं मुआवजा देता रहा है. उनका कहना था कि वर्ष 1974 में पलामू व्याघ्र परियोजना की स्थापना के समय यहां लगभग 50 बाघ थे, जबकि वर्तमान में उनकी संख्या सरकारी आंकड़ों में बेहद कम रह गई है. ऐसे में एक ओर बाहर से बाघ लाकर बसाने की योजना बनाई जा रही है और दूसरी ओर बड़ी रेल परियोजना के माध्यम से उनके प्राकृतिक आवास को प्रभावित करने की तैयारी की जा रही है. ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वन विभाग के पास जंगली हाथियों के पुनर्वास की कोई ठोस योजना नहीं है. उनका कहना था कि हाथियों के पुनर्वास के नाम पर केवल उनके झुंड को एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र की ओर खदेड़ा जाता है और कागजी दावों तक ही कार्रवाई सीमित रहती है. बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम से छिपादोहर रेलवे स्टेशन पर रेल सुविधाओं के विस्तार, यात्री सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा क्षेत्र की लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग भी की. प्रतिनिधिमंडल में सांसद प्रतिनिधि भीमानंद गिरी, प्रमुख सुशीला देवी, उपमुखिया दीपा देवी, उमेश चंद्रवंशी, डॉ. चंदन कुमार गुप्ता, दीपक कुमार, सुनील कुमार, मुन्ना गुप्ता, महेश अग्रवाल, चंदू प्रसाद, इंद्रजीत सिंह, राजेश बड़ा सहित अन्य लोग शामिल थे.