लातेहार
लातेहार टूरिज्म ने रांची में 100 ड्राइवर सह गाईड को दिया कौशल विकास का प्रशिक्षण
पर्यटन, सड़क सुरक्षा, फोटोग्राफी और पर्यावरण संरक्षण पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी

लातेहार। झारखंड में अपनी पहचान बना चुकी लातेहार टूरिज्म (रजि) ने 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रांची के कलाकृति हाट, डोरंडा, में 100 ड्राइवर कम गाइड को प्रशिक्षण दिया. लातेहार टूरिज्म के प्रोपराईटर सह संस्थापक गोविंद पाठक ने बताया कि झाखंड में पर्यटन को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित एवं रोजगारपरक बनाने तथा स्थानीय ड्राइवरों को प्रशिक्षित पर्यटक मार्गदर्शक (ड्राइवर-कम-गाइड) के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण दिया गया.
कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया. श्री पाठक ने अतिथियों को अंंग वस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट किया. मौके पर गोविंद पाठक ने कहा कि झारखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और इन संभावनाओं को धरातल पर उतारने में स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित ड्राइवर-कम-गाइड की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है. वरिष्ठ व्याख्याता, पर्यटन प्रबंधन, इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट, पुंदाग, रांची के श्री रुद्र नारायण भंज देव ने प्रतिभागियों को पर्यटन प्रबंधन एवं एक पेशेवर पर्यटक मार्गदर्शक की भूमिका के बारे में जानकारी दी. उन्होंने पर्यटकों के साथ व्यवहार, पर्यटन स्थलों की सही जानकारी, समय प्रबंधन, पर्यटक संतुष्टि और एक जिम्मेदार गाइड की भूमिका जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया. राइज अप एवं रोड सेफ्टी पायनियर के संस्थापक ऋषभ आनंद ने सड़क सुरक्षा और ड्राइवर-कम-गाइड की जिम्मेदारियों पर प्रशिक्षण दिया. प्रख्यात दृश्य कलाकार एवं चित्रकार तथा कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स, रांची के संस्थापक एवं मास्टर ट्रेनर धनंजय कुमार ने प्रतिभागियों को व्यक्तित्व विकास, प्रस्तुतीकरण एवं व्यावहारिक कौशल से संबंधित प्रशिक्षण दिया.
प्रशिक्षण कार्यक्रम में संजय बोस, ने प्रतिभागियों को फोटोग्राफी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी. उन्होंने पर्यटन स्थलों, प्राकृतिक दृश्यों और स्थानीय गतिविधियों की बेहतर तस्वीरें लेने तथा फोटोग्राफी के माध्यम से पर्यटन स्थलों को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करने के विभिन्न पहलुओं को समझाया. कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक, भू-विज्ञान विभाग, रांची विश्वविद्यालय एवं पर्यावरणविद् नितिश प्रियदर्शी ने प्रकृति, भू-विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन पर प्रतिभागियों को जानकारी दी. 



