महुआडांड़ (लातेहार)। केन्द्रीय जनसंघर्ष समिति लातेहार एवं गुमला के संयुक्त तत्वावधान में 22 मार्च को नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज रद्द किए जाने की स्मृति में संकल्प सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन समिति के सचिव जेरोम जेराल्ड कुजूर एवं अनिल मनोहर ने किया। सभा के दौरान “जान नहीं देंगे, जल-जंगल-जमीन हमारा है” जैसे नारों से पूरा माहौल गूंज उठा। वक्ताओं ने आदिवासी एकता, अधिकार और ग्राम सभा की महत्ता पर विस्तार से चर्चा की। समिति के सचिव जेरोम जेराल्ड कुजूर ने कहा कि 23 मार्च 1994 को जब तोप अभ्यास के लिए सेना की गाड़ियां नेतरहाट पहुंची थीं, तब स्थानीय लोगों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अहिंसात्मक सत्याग्रह किया था। उसी ऐतिहासिक आंदोलन की स्मृति में हर वर्ष इस तरह का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। कार्यक्रम में फिलो डी.डब्ल्यू. द्वारा नेतरहाट आंदोलन में महिलाओं की भूमिका तथा कोरेनियुल द्वारा युवाओं के योगदान पर प्रकाश डाला गया। ग्राम सभा के महत्व पर भी विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न क्षेत्रों से आए समूहों एवं गांवों के कलाकारों ने आदिवासी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर माहौल को जीवंत बना दिया। इस अवसर पर जेरोम जेराल्ड कुजूर ने स्वागत भाषण एवं वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। विनीत खाखा, जेवियर कुजूर, प्लादीयूस टोप्पो, एडविन टोप्पो एवं एमनसिउल सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए. कार्यक्रम के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गुमला जिले के सर्किल इंस्पेक्टर, गुददरी थाना प्रभारी सहित पुलिस बल मौजूद रहा। आयोजन को सफल बनाने में युवाओं की टीम और समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया. कार्यक्रम देर रात 12 बजे तक चलता रहा.