


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमांडेंट अजय कुमार वर्मा ने कहा कि सीआरपीएफ केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के विकास और युवाओं को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से युवक-युवतियां स्वरोजगार से जुड़कर अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं. सहायक कमांडेंट दीपक चंद्र ने कहा कि इस प्रशिक्षण से ग्रामीण युवाओं को तकनीकी जानकारी मिलेगी, जिससे वे अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित कर सकेंगे.
पंचायत के मुखिया आशीष सिंह ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से पंचायत के युवक-युवतियों को लाभ मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे. उन्होंने सीआरपीएफ का आभार जताते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम ग्रामीण विकास में मील का पत्थर साबित होंगे. इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि दीपक राज ने सीआरपीएफ की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण इलाकों में इस तरह के प्रशिक्षण शिविर युवाओं के भविष्य को नई दिशा देते हैं.
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों द्वारा समाज के उत्थान के लिए किया जा रहा यह प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय है. बताया गया कि एक माह के प्रशिक्षण के उपरांत सभी प्रशिक्षित युवतियों को सिलाई मशीन तथा युवकों को इलेक्ट्रिशियन किट के साथ प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा. कार्यक्रम में इंस्पेक्टर एसएन यादव, हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार मिंज, एएसआई राकेश सिंह, पीएन सिंह, हवलदार धनंजय सिंह चौहान, अमोल डोंगरे, गुरुदेव एवं एसआई संतोष सिंह समेत बटालियन के कई अधिकारी व जवान मौजूद थे.