


सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ क्षेत्र के तहसीलदार के निर्देश पर की गई है। सूचना मिलते ही सीमा से सटे पंचायत ओरसा की मुखिया स्थानीय ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। हालांकि सड़क बंद किए जाने का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी विपिन कुमार दुबे ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रशासन से उनकी बातचीत हुई है। छत्तीसगढ़ प्रशासन का कहना है कि इस मार्ग से अवैध रूप से धान का कारोबार किया जा रहा था, जिसे रोकने के उद्देश्य से सड़क को ब्लॉक किया गया है।
अनुमंडल पदाधिकारी ने छत्तीसगढ़ प्रशासन को सड़क काटने के बजाय बैरियर लगाकर निगरानी करने का सुझाव दिया था, लेकिन इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए सड़क को काटकर ही बंद करने का निर्णय लिया गया। अनुमंडल पदाधिकारी ने आगे बताया कि इस पूरे मामले की जानकारी उपायुक्त, लातेहार को दे दी गई है। गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को महुआडांड़ प्रखंड में साप्ताहिक हाट बाजार लगता है, जिसमें इसी सड़क मार्ग से होकर बड़ी संख्या में ग्रामीण व व्यापारी पहुंचते हैं। सड़क बंद होने से बाजार आने-जाने में लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं रविवार को सामरी में भी साप्ताहिक बाजार लगता है, जहां प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों व्यापारी इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। सड़क बंद रहने की स्थिति में उन्हें भी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इस मामले में समरी थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि इसकी स्पष्ट जानकारी तहसीलदार द्वारा ही दी जा सकती है। फिलहाल सड़क बंद रहने से आमजन का जनजीवन प्रभावित हो गया है और लोग शीघ्र समाधान की मांग कर रहे हैं।