लातेहार
विधिक जागरूकता शिविर में बाल विवाह मुक्त भारत बनाने का लिया संकल्प
बाल विवाह मुक्त भारत का लिया संकल्प


लातेहार। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, लातेहार के सचिव शिवम चौरसिया के निर्देश पर कानूनी सहायता केद्र, महुआडांड़ के पीएलवी इंद्रनाथ प्रसाद के द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत विधिक जागरूक्ता शिविर का आयोजन किया गया. यह आयोजन महुआडांड़ के संत तेरेसा प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में किया गया. मौके पर श्री पगसाद ने कहा कि नालसा दिल्ली के निर्देश पर नालसा ‘आशा’ का गठन किया गया है. यह बाल विवाह को रोकने में एक प्रभावी और कानूनी रूप से मजबूत पहल है.
उन्होने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है और इसके रोकथाम के लिए हम सब को सामुहिक रूप से कार्य करना होगा. उन्होने कहा कि बाल विवाह कानूनी रूप से एक दंडनीय अपराध है. इसमें शामिल होने वाला एक एक व्यक्ति दोषी होता है. उन्होने कहा कि आज भी दुनिया की एक तिहाई बाल विवाह भारत मे होती है. इस आंकड़ा को कम करना है. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के द्वारा भी बाल विवाह को रोकने के लिए कई प्रयास किये जा रहे हैं. उन्होने आगे कहा कि लड़की आयु 18 वर्ष और लड़के की आयु 21 वर्ष होने के बाद ही विवाह किया जा सकता है.
उन्होने कहा कि अपरिपक्व उम्र में विवाह कर देने से लड़कियों में कई प्रकार की परेशानियां होती है. ऐसी लड़कियों की संतानें भी कुपोषित पैदा होती है. कार्यक्रम में प्राचार्य प्रभा लकड़ा, राजू खाखा, विनोद लकड़ा, सुनीता केरकेट्टा, कलरा तिर्की, बेरोनिका एक्का, सिस्टर सुनीता समद, सिस्टर रजनी बाड़ा, उषा व अनिता समेंत कई शिक्षक व बड़ी संख्या में छात्र व छात्रायें मौजूद थे.