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अपराधराज्‍य

महुआडांड़ में पहली बार हुआ पोस्टमार्टम, ओरसा घाटी बस हादसा में मृतकों की संख्या 10 पहुंची

महुआडांड़(लातेहार)।  ओरसा घाटी में रविवार को हुए भीषण सड़क हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गया है. पांच लोग रेशांति देवी, प्रेमा देवी, सीता देवी, सोनामति देवी, सुखना भुईयां की दर्दनाक मौत मौके हो गई थी.  जबकि दुर्घटना स्थल से घायल लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ लाया गया। जिसमें 58 गंभीर रूप से घायलों को रेफर किया गया। जिसमें 9 गंभीर रूप से घायलो को सदर अस्पताल गुमला एक को रांची एवं तीन लातेहार सदर अस्पताल और 45 घायलों को छत्तीसगढ़ रेफर किया गया। रविवार शाम विजय नागेसिया स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ में ही दम तोड़ा। सदर अस्पताल लातेहार रेफर लिलावती देवी एवं सदर अस्पताल गुमला में फगुआ राम और रमेश पनिका ने इलाज के दौरान दम तोड़ा। भीषण बस हादसे में हताहतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। वहीं सोमवार की सुबह रेफर होलीक्रॉस हॉस्पिटल अंबिकापुर-छत्तीसगढ़ में गंभीर रूप से घायल परशुराम सोनवानी, पिता टूना राम की मौत हो गई। कुल 10 लोगों की मौत हो चुकी है। सभी मृतक छत्तीसगढ़ के जिला बलरामपुर के ग्राम पीपरसोट के रहने वाले हैं।

प्रशासन की त्वरित पहल: स्थानीय स्तर पर हुआ सात लोगों का पोस्टमार्टम

महुआडांड़ से आमतौर पर बड़े हादसों के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए लातेहार जिला मुख्यालय भेजा जाता है, जिससे परिजनों को भारी परेशानी और समय नुकसान होता है। लेकिन इस मामले में प्रशासन ने मानवीय पहल की है। महुआडांड़ में पहली बार सात मृतक  प्रेमा देवी, पति चुन्नू चोरहा ,सीतापति देवी पति बिगन राम ,रेसन्ति चेरवा, पति विनोद राम, सुखना भुईया पिता सपथ भुईया ,विजय नगेसिया पिता अनिल नगेसिया, सोनामति नायक पति बाबूलाल नायक, लीलावटी सोनवानी पति अशोक सोनवानी का पोस्टमार्टम चिकित्सा टीम में शामिल लातेहार सदर अस्पताल उपाध्यक्ष डॉ. अकलेश्वर प्रसाद एवं डॉ. सरवन कुमार महतो और डॉ. सुनील कुमार भगत की संयुक्त टीम द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। इस निर्णय से शव लेने आए पीड़ित परिवारों को शव प्राप्त करने में सुगमता हुई। सभी शवों का पंचनामा महुआडांड़ थाना प्रभारी मनोज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा की गई।‌ इधर घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भारी आक्रोश है।

मूलभूत सुविधाओं का आभाव है

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाक्टर अमित खलखो कहते हैं, महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। पर्याप्त डॉक्टर नहीं हैं और न पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ की संख्या है। अगर क्षेत्र में इस तरह की बड़ी घटनाएं हो जाती है तो संभालने में बहुत परेशानी होती है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि महुआडांड़ सीएचसी में शीघ्र पोस्टमार्टम हॉल, पर्याप्त डॉक्टर, नर्स तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से बेहतर ढंग से निपटा जा सके।

Md Ali Raja

संवाददाता, महुआडांड, लातेहार

Md Ali Raja

संवाददाता, महुआडांड, लातेहार

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