लातेहार। पूरे देश को बाल विवाह से मुक्त करने के लिए भारत सरकार की 100 दिन की विशेष कार्ययोजना से उत्साहित गैर सरकारी संगठन वेदिक सोसाइटी ने एक साल के अंदर लातेहार जिला को बाल विवाह से मुक्त कराने का संकल्प लिया है. बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का 27 नवंबर को एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर वेदिक सोसाइटी ने गुरूवार को लातेहार प्रखंड सभागार में बाल विवाह के खिलाफ शपथ समारोह आयोजित किया.
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इस कार्यक्रम में आह्तु थाना प्रभारी नवीन सिन्हा, पर्यवेक्षिका नीतू कुमारी एवं अनीता देवी, चाइल्ड लाइन के समन्वयक जयमंगल पासवान एव काउंसलर अमित कुमार , जिला बाल सरक्षण इकाई के सामाजिक कार्यकर्त्ता जियाउल हक एव रामकुमार सिंह, संस्था के समन्वयक प्रेम प्रकाश आदि मौजूद थे. जिला संगठन ने जनसमुदाय को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया और उन्हें समझाया कि कानून के अनुसार बाल विवाह में किसी भी तरह से शामिल होने या सहायता करने वालों जिसमें शादी में आए मेहमान, कैटरर्स, टेंट वाले, बैंड वाले, सजावट वाले या बाल विवाह संपन्न कराने वाले पुरोहित, सभी को इस अपराध को बढ़ावा देने के जुर्म में सजा हो सकती है. पिछले कुछ वर्षों से कानून लागू करने वाली एजेंसियों व जिला प्रशासन के साथ करीबी समन्वय से काम करते हुए वेदिक सोसाइटी ने पिछले एक वर्ष में ही 264 बाल विवाह रुकवाए हैं. 100 दिन के इस गहन जागरूकता अभियान को तीन चरणों में बांटा गया है और इसका आखिरी चरण आठ मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर समाप्त होगा. इसका पहला चरण 31 दिसंबर तक चलेगा जिसमें स्कूलों, कालेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में जागरूकता के प्रसार पर जोर रहेगा. एक जनवरी से 31 जनवरी के बीच दूसरे चरण में मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे जैसे धार्मिक स्थलों पर जहां विवाह संपन्न कराए जाते हैं, बैंक्वेट हाल, और बैंड वालों जैसे विवाह में सेवाएं देने वालों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.