लातेहार
पोक्सो व जेजे एक्ट पर संवेदनशील होने की दरकार: पीडीजे


मौके पर संबोधित करते हुए पीडीजे ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने के लिए कानून में निरंतर किये जा रहे बदलाव व अद्यतन नियमों की जानकारी होना आवश्यक है. कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती. इंसान को हर उम्र में सीखना चाहिए और उसे अपने कार्यशैली में उपयोग करना चाहिए. उन्होने पोक्सो और जेजे एक्ट पर काम कर रहे पदाधिकारियों को संवेदनशील हो कर काम करने की सलाह दी. कहा कि पोक्सो और जेजे एक्ट के वाद के अनुसंधान में ना तो लापरवाही बरते और ना ही गलती करें. अगर किसी भी बिंदु पर मार्गदर्शन की आवश्यकता हो तो कोर्ट में आकर न्यायकि पदाधिकारियों से मार्गदर्शन ले सकते हैं.
उन्होंने पदाधिकारियों से अपील किया कि बच्चों के मामले में सर्तक रहें और नियमों का अक्षरश पालन करें. कार्यशाला में जिला जज द्वितीय सह विषेश जज पोक्सो संजय कुमार दूबे ने पोक्सो एक्ट, सीजेएम विक्रम आन्नद ने क्रिमिनल वादों के अनुसंधान एवं साक्ष्य संग्रह, जिला विधिक सेवा प्रधिकार के सचिव शिवम चौरसिया एवं जेजेबी के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट उत्कर्ष जैन ने जेजे एक्ट पर विशेष जानकारी दी. डाॅ अखिलेश्वर प्रसाद ने पीड़ितों के चिकित्सीय जांच एवं उससे संबंधित नियमों के बारे में बताया. कार्यशाला में एसीजेएम कुमारी जीव, एसडीपीओ अरविंद कुमार, प्रभारी पीपी ओम कुमार, एपीपी संगम कुमार, डीसीपीओ रीना कुमारी के अलावा जिला कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, बाल संरक्षण विभाग के पदाधिकारी एवं सभी थानों के पुलिस पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता व पीएलवी आदि उपस्थित थे. 