बालूमाथ (लातेहार)। पवित्र माह-ए-रमजान के चौथे जुम्मे की नमाज अकीदत और एहतेराम के साथ बालूमाथ समेत प्रखंड क्षेत्र में अदा की गई. बालूमाथ के जामा मस्जिद में इमाम व खतीब मौलाना मजहर ने कहा कि इस्लाम के पांच फ़र्ज़ में तौहीद के साथ साथ नमाज व जकात का एहतमाम रमजान के पवित्र महीने में किया जाता है. जकात की सही अदायगी से माल पाक होता है. बालूमाथ के मस्जिद-ए-उमर, मदरसा मस्जिद, मदीना मस्जिद, मिल्लत मस्जिद ढुलवाही, मस्जिद-ए-मुस्तफा में समेत बसिया, जर्री, शेरगड़ा, गणेशपुर, मुरपा, पिंडारकोम, धाधू, मासियातु, बालू, लेजांग इत्यादि जगहों पर सामूहिक जुमा की नमाज अदा की गई. बालूमाथ स्थित ईदगाह में इस वर्ष सुबह सवा नौ बजे ईद-उल-फ़ित्र की नमाज़ अदा की जाएगी. बालूमाथ अंजुमन सुब्हानुल मुस्लिमीन ने बैठक कर ईद-उल-फ़ित्र की नमाज़ का वक्त मुकर्रर कर इसका एलान कर दिया है. इस बार सदका-ए-फ़ित्र कम से कम एक किलो छः सौ बानबे ग्राम गेहूं, जौ जिसकी मिकदार तीन कीलो तीन सौ चौरासी ग्राम, खज़ूर के रूप में जिसकी मिकदार तीन कीलो तीन सौ चौरासी ग्राम, किशमिश जिसकी मिकदार तीन कीलो तीन सौ चौरासी ग्राम, पनीर जिसकी मिकदार तीन कीलो तीन सौ चौरासी ग्राम या उसका बाजार मूल्य तय किया गया है. जामा मस्जिद के खतीब व इमाम मौलाना मज़हर ने बताया की हर मोमिन को सदका-ए-फ़ित्र अदा करना हर साहेब-ए-निसाब के लिए अहम ज़रूरी है. जिसकी जैसी हैसियत हो अपने हैसियत के हिसाब से सदका-ए-फ़ित्र अदा करना चाहिए.