मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से लिखित आश्वासन की कर रहा है मांग.
कमरूल आरफी
रांची। लातेहर जिले के सिकनी ग्राम का युवक हीरालाल पिछले छह घंटे से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के एक हाई मास्ट लाइट के ऊपर चढ़ा हुआ है. हीरालाल का ससुराल लातेहार के बालूमाथ में है. बता दें कि पिछले एक सप्ताह से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के पास जेपीएससी जेएसएसी छात्रों का प्रदर्शन चल रहा है. इसी बीच एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. जहां लातेहार जिला के चंदवा प्रखंड के सिकनी निवासी नग्गू उरांव के 30 वर्षीय पुत्र हीरालाल उरांव शनिवार देर रात स्टेडियम के पिछले हिस्से में लगे हाईमास्ट टावर के ऊपर चढ़ गया है. पिछले छह घंटे से टावर से उतारने के पुलिस के सारे प्रयास अब तक विफल रहे हैं. प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार रात डेढ़ बजे के करीब वेंडर मार्केट के दीवार के समीप स्टेडियम में स्थित हाईमास्ट टावर पर हीरालाल उरांव चढ़ गया. मौजूद लोगों ने टावर से उतरने को कहा लेकिन वह नहीं उतरने की अपनी जिद पर अड़ा हुआ था. जानकारी पुलिस को दी गई. कोतवाली थाना की पुलिस दलबल स्टेडियम पहुंच कर टावर पर चढ़े युवक को उतारने का प्रयास की. इस बीच मोबाइल पर टावर पर चढ़े युवक से संपर्क किया गया तो हीरालाल उरांव ने पारिवारिक कारण और पत्नी से विवाद को अपने इस कदम के लिए मजबूर होना बताया. ज्ञात हो कि हीरालाल उरांव की शादी बालूमाथ स्थित टेमरावर निवासी जागेश्वर उरांव की पुत्री पूनम उरांव से हुई है. हीरालाल उरांव का एक तीन वर्षीय बेटा भी है. रात में ही हीरालाल उरांव की मांग पर बेटे के साथ मैके में रह रही पत्नी व साला एवं मां सीलो देवी, पिता नग्गू उरांव को बालूमाथ व चंदवा पुलिस के माध्यम से रांची लाया गया. पत्नी व माता पिता के गुहार के बाद भी हीरालाल उरांव टावर से उतरने को राजी नहीं हुआ. हीरालाल उरांव अपने निजी कारणों के साथ साथ अपने क्षेत्र के समुचित विकास के लिए राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन या मुख्यमंत्री सचिवालय का लिखित आश्वासन चाहते हैं. सुबह होते ही मॉर्निंग वॉक में पहुंचे लोगों व मीडिया कर्मियों का जमावड़ा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगा हुआ है. सभी लोग हीरालाल से टावर से नीचे उतरने की गुहार लगा रहे हैं. लेकिन अब तक वह उतरने को राजी नहीं है. कोतवाली थाना के सब इंस्पेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ साथ आईआरबी की टुकड़ी, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग के साथ एम्बुलेंस मौके पर तैनात है. हालांकि काफी मशक्कत के बाद उसे तकरीबन आठ बजे टावर से नीचे उतारा गया. नीचे उतरने के बाद उसने बताया कि वह मरने के लिए हाईमास्ट टावर पर चढ़ा था.