लातेहार। नेतरहाट के टूटवापानी में अयोजित संकल्प सभा के दूसरे दिन पूरा इलाका जान देेगें जमीन नहीं दगें के नारों से गुंजायमान हो गया. दूसरे दिन उमड़े जनसैलाब ने एक स्वर में फायरिंग रेंज का अंतिम सांस तक विरोध करने का संकल्प लिया. बता दें कि नेतरहाट फिल्ड फायरिंग रेंज की अधिसूचना रद्द होने के स्मृति में यह दो दिवसीय संकल्प सभा का आयोजन किया गया. सरकार की अधिसूूूूचना अनुसार 11 मई 2022 को प्रस्तावित नेतरहाट फिल्ड फायरिंग रेंज की अवधि समाप्त किया. वक्ताओं ने कहा कि यह इलाका संविधान की पांचवीं अनुसूची के अधिसूचित है. इस इलाके में केन्द्र सरकार व राज्य सरकार की एक ईच जमीन नहीं है. पेसा कानून के अन्तर्गत स्पष्ट है कि ग्राम सभाओं की सहमति के बगैर कोई भी गाँव का सामुदायिक संसाधन किसी को भी हस्तान्तरित नहीं की जा सकती है. आज केन्द्र और राज्य सरकार के परियोजना को स्थागित करने पर मजबूर होना पड़ा. जनसंघर्ष ही एकमात्र रास्ता है. जिसके बदौलत तानाशाही सरकारों को झुकाया जा सकता है. केन्द्रीय जनसंघर्ष समिति के अनिल मनोहर ने कहा कि हम जिस मजबूती से विगत 30 वषोॅ से इस विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक आन्दोलन को जारी रखे हुए हैं, उसे आने वाले पीढ़ी और धार देगी तो हमारी संघर्ष की जीत पक्की है. ।(कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से आये एंव रांची आईकप संस्था द्वारा संस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया. इस सभा में जेरोम जेराल्ड कुजूर, पालासिदियुस अस्मिता,फिल्माया,रंजीत टोप्पो, रोश खाखा अलावे समिति के जया,कुलदीप मिंज, अगस्तस मिंज ग्राम प्रधान सचिव सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया.