लातेहार। दो अप्रैल को प्रतिबंद्धित उग्रवादी संगठन जेजेएमपी का सब जोनल कमांडर सुरेंद्र लोहरा उर्फ टाइगर जी उर्फ विनोद लोहरा ने पुलिस के समक्ष आत्मसपमर्ण कर दिया है. पुलिस मुख्यालय, लातेहार में आयोजित एक कार्यक्रम में उसने पुलिस महानिरीक्षक पलामू प्रक्षेत्र शैलेंद्र कुमार सिन्हा, पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव और सीआरपीएफ के 11 वीं बटालियन के कमाडेंट यादराम बुनकर के समक्ष आत्मसमपर्ण किया. इस दौरान आईजी श्री सिन्हा ने सुरेंद्र लोहरा का माल्यापर्ण किया और बुके भेंट कर समाज के मुख्यधारा में लौटने का स्वागत किया. उन्होने उसे पांच लाख रूपये का प्रतीकात्मक चेक भी सौंपा.
आईजी ने एसपी व सीआरपीएफ कमाडेंट को बधाई दी
आईजी श्री सिन्हा ने पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव व सीआरपीएफ के 11 वीं के कमाडेंट यादराम बुनकर को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी. उन्होने कहा कि बेहतर व संयुक्त प्रयास के बदौलत ही यह उपलब्धि हासिल हो पायी है. उन्होने सुरेंद्र लोहरा की पत्नी व अन्य परिवार वालों को भी धन्यवाद दिया और कहा कि उन्होने उसे आत्मसमपर्ण के लिए प्रेरित किया. आईजी श्री सिन्हा ने क्षेत्र में बचे अन्य उग्रवादी व नक्सलियों से सरकार की नयी दिशा के तहत आत्समपर्ण करने एवं सरकारी सुविधाओं का लाभ ले कर एक शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत करने की अपील की.
वर्ष 2026 में 23 उग्रवादियों ने किया सरेंडर
आईजी श्री सिन्हा ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2025 में 23 उग्रवादी व नक्सलियो का आत्मसमपर्ण कराया गया है. इसमे जेजेएमपी का पांच लाख रूपये का जबजोनल कमांडर लवलेश गंझू, दो लाख का इनामी प्रमोद गंझू, एक लाख का इनामी पलेंद्र गंझू व तुलसी गंझू के अलावा सितंबर व नवंबर 2025 में जेजेएमी के कुल 11 उग्रवादियों का एक साथ आत्मसपमर्ण कराया गया था. जबकि वर्ष 2026 में 10 लाख रूपये का इनामी माओवादी मृत्युंजय भुईया उर्फ फ्रेश भुईयां तथा दो लाख का इनामी बबलू राम उर्फ बबलू चंद्रवंशी उर्फ रोहित चंद्रवंशी (अरवल, बिहार) को गिरफ्तार कर जेल भेजा है.
सुरेंद्र पर आठ मामले दर्ज हैं
सुरेंद्र लोहरा पर लातेहार, चंदवा व हेरहंज थाना में कुल आठ मामले संगीन धाराओं में दर्ज हैं. सुरेंद्र लोहरा ने पत्रकारों को बताया कि वह सरकार की आत्मसमपर्ण व पुर्नवास नीति से प्रभावित हो कर सरेंडर किया है. सुरेंद्र लोहरा पिछले 20 वर्षों से माओवादी व जेजेएमपी संगठन के साथ रहा है. माओवादियों के साथ रहते हुए उसने कई घटनाओं को अंजाम दिया था.