महुआडांड़ (लातेहार)। लाखों रुपये की लागत से निर्मित सिंचाई नहर की समय पर सफाई और मरम्मत नहीं होने से क्षेत्र के सैकड़ों किसान परेशान हैं. स्थिति ऐसी हो गई है कि अब किसानों ने सरकारी व्यवस्था का इंतजार छोड़ स्वयं चंदा इकट्ठा कर श्रमदान के माध्यम से सोमवार को नहर की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है. परहाटोली क्षेत्र के किसानों ने बताया कि बांध से लेकर डूमरडीह स्थित पहले फॉल तक नहर में भारी मात्रा में मिट्टी और गाद जमा हो गई है. इसके कारण पानी का प्रवाह पूरी तरह बाधित हो रहा है और खेतों तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंच पा रहा है. नहर पर निर्भर किसानों के सामने धान सहित अन्य फसलों की खेती संकट में पड़ गई है. किसानों का कहना है कि परहाटोली, डूमरडीह, टुंटोली और बेलटोली के जिन किसानों की खेती नहर के पानी पर निर्भर है, उन्होंने आपसी सहयोग से पैसा चंदा एकत्र किया है. इसी राशि से जेसीबी वाहन लगाकर नहर की सफाई एवं मरम्मत कराई जा रही है. ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते नहर की सफाई नहीं हुई तो वे खेती नहीं कर पाएंगे, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा. खेती ही उनके परिवार के जीविकोपार्जन का मुख्य साधन है। ऐसे में मजबूरी में ग्रामीण स्वयं नहर को दुरुस्त करने में जुटे हैं. इस श्रमदान पितरूस लकड़ा, ज्योति कुजूर, राजकिशोर टोप्पो, जनमतूस बरवा, एनोर किंडो, इस्माइल मियां, नसीर मियां, सुनील नगेसिया, भोला घासी, बबीता देवी, फ्रांसीसी टोप्पो, रॉबट टोप्पो, प्रमोद यादव, शंकर यादव, ललकू नगेसिया, जहांगीर मियां, महमूद हजाम, रसीद हजाम, लियाकत शाह, ताहिर मियां, धनसु नगेसिया, मनसु नगेसिया सहित सैकड़ों किसान सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं.