लातेहार। श्री रामचरित मानस नवाहन परायण पाठ महायज्ञ के 53 वें अधिवेशन में विष्णु प्रभाकर की रामलीला मंडली, अयोध्या के द्वारा रामलीला का मंचन पूरे नौ दिनों तक किया गया. कार्यक्रम के सफल समापन के बाद कलाकारों एवं मंडली के सदस्यों को महायज्ञ समिति के द्वारा सम्मानित किया गया. सम्मान समारोह में समिति के मुख्य संरक्षक सह राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम ने अयोध्या से आए रामलीला मंडली के कलाकारों को सम्मानित किया. इस दौरान समिति के पदाधिकारी एवं सदस्यगण मौजूद रहे. मौके पर राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, त्याग और धर्म का संदेश देता है. रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है. अयोध्या से आए कलाकारों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति के माध्यम से लातेहार के लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया है. उन्होंने मंडली के सभी कलाकारों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भाव मजबूत होता है. महायज्ञ समिति की ओर से मंडली के कलाकारों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम के सफल आयोजन में समिति के अध्यक्ष प्रमोद प्रसाद सिंह, महामंत्री सुदामा प्रसाद, कोषाध्यक्ष विनोद कुमार महालका, डॉ. विशाल शर्मा, चंद्रप्रकाश उपाध्याय, सुनील कुमार शौंडिक, मदन प्रसाद, दुर्गा प्रसाद, संतोष कुमार अग्रवाल, राजेश प्रसाद सिंह मुकेश पांडेय, राजीव रंजन पांडेय सहित अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. समिति के सदस्यों ने कहा कि अयोध्या की रामलीला मंडली द्वारा प्रस्तुत धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लोगों का भरपूर समर्थन मिला. समापन के अवसर पर कलाकारों को सम्मानित करते हुए समिति ने भविष्य में भी ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प व्यक्त किया.