लातेहार
चेक बाउंस के मामले में 10 लाख 50 हजार रूपये क्षतिपूर्ति और छह माह का कारावास की सजा


अभियुक्त दुबे ने कोयला की कीमत की भुगतान 990000 रुपए चेक के माध्यम से दिया था. जिसे परिवादी ने भुनाने हेतु भारतीय स्टेट बैंक बालूमाथ शाखा में धारित अपने खाता में पेश किया था. धनराशि के अभाव में चेक बाउंस हो गया था. इसके परिवादी ने अधिवक्ता के माध्यम से लीगल नोटिस प्रेषित किया था. नोटिस का कोई जवाब नहीं मिलने और राशि का भुगतान नहीं होने पर परिवादी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था. दोनों पक्षों की दलीलें एवं गवाहों को सुनने के उपरांत श्री जैन की अदालत ने आरोपी कृष्णा दुबे को चेक बाउंस का मुजरिम ठहराया और उन्हें 30 दिनों के भीतर क्षतिपूर्ति राशि समेत 1050000 रुपए का भुगतान परिवादी को करने का आदेश पारित किया.
उक्त राशि का भुगतान नहीं करने पर छह महीना कारावास की सजा मुकर्रर किया गया है. मालूम हो इस फैसले के आने से कोयला व्यापारियों में अदालत के प्रति सम्मान बढ़ा है. व्यापारियों का कहना है कि अक्सर धोखेबाज लोग धोखे से कोयल का क्रय कर लेते हैं और भुगतान में आनाकानी कर चेक थमा देते है और राशि के अभाव में चेक बाउंस हो जाता है. 