महुआडांड़ (लातेहार)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत जरूरतमंद और बेघर परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हाल ही में महुआडांड़ पंचायत में कराए गए सर्वे एवं वेरीफिकेशन को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सर्वे एवं वेरीफिकेशन के दौरान वास्तविक पात्र परिवारों को नजरअंदाज कर अपात्र लोगों के नाम सूची में शामिल किए गए हैं, जबकि वर्षों से कच्चे मकान और जर्जर घरों में रहने वाले कई गरीब परिवारों का नाम सूची से बाहर कर दिया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार सर्वे एवं वेरीफिकेशन टीम के द्वारा कई स्थानों पर बिना भौतिक सत्यापन के ही रिपोर्ट तैयार कर दी गई। कुछ लोगों का आरोप है कि प्रभावशाली व्यक्तियों और आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों को प्राथमिकता दी गई, जबकि जरूरतमंद परिवार योजना के लाभ से वंचित रह गए। इससे पंचायत के विभिन्न गांवों में असंतोष का माहौल है।
ग्रामीणों ने बताया कि जिन परिवारों के पास पहले से पक्का मकान है अथवा जिनकी आर्थिक स्थिति बेहतर है, उनके नाम भी सर्वे एवं वेरीफिकेशन सूची में दर्ज किए गए हैं। दूसरी ओर ऐसे कई परिवार हैं जो वर्षों से मिट्टी के घरों में रहने को मजबूर हैं, लेकिन उनका नाम सर्वे एवं वेरीफिकेशन में शामिल नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं प्रखंड प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा पात्र लाभुकों की पुनः पहचान कर सूची का सत्यापन कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है और इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से वास्तविक जरूरतमंदों के अधिकारों का हनन होता है।
इस संबंध में ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से प्रशासन के समक्ष अपनी आवाज उठाने को बाध्य होंगे। वहीं स्थानीय लोगों की मांग है कि पूरे सर्वे की पुनः जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए तथा पात्र परिवारों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
इस संबंध में स्वयं सेवक सुमन शालिनी ने बताया कि हमलोगों के द्वारा सर्वे के दौरान पात्र लाभुक का चयन किया गया था लेकिन जब क्रॉस वेरीफिकेशन कर रहे आवास कॉर्डिनेटर रामू प्रसाद गुप्ता एवं सुरेन्द्र बिरजिया के द्वारा बहुत सारे पात्र लाभुक का नाम हटा दिया गया। और वेरीफिकेशन के दौरान बहुत ऐसे लाभुक का का नाम जोड़ा गया जिसे पहले भी आवास मिल चुका है महुआडांड़ पंचायत के मुखिया प्रमिला मिंज ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सर्वे एवं क्रॉस वेरीफिकेशन में भारी गड़बड़ी हुई है जो पात्र लाभुक है उनका नाम हट गया है। उन्होंने कहा कि रि वेरिफिकेशन होना जरूरी है ताकि पात्र लाभुक छूटे नहीं। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी संतोष बैठा ने बताया कि सर्वे एवं क्रॉस वेरीफिकेशन के दौरान जो पात्र लाभुक है जिसका नाम छूट गया हो वैसे लाभुक का नाम ग्राम स्तर में हो रहे ग्राम सभा में चढ़ाया जाएगा।
पात्र एवं अपात्र लाभुकों का पुनः सत्यापन।
सर्वे एवं वेरीफिकेशन में हुई कथित गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई।
वास्तविक गरीब एवं बेघर परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराना एवं फिर से क्रॉस वेरीफिकेशन कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे, इसके लिए पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है। महुआडांड़ पंचायत में उठे इन आरोपों ने एक बार फिर योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।