


प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने सिलाई एवं विद्युत कार्य की बारीकियां सीखी हैं, जिससे वे अपने क्षेत्र में ही रोजगार शुरू कर सकेंगे. सहायक कमांडेंट दीपक चंद्र ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं के पलायन को रोकना और उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है. प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उपकरण उपलब्ध कराना इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता है. वहीं सांसद प्रतिनिधि दीपक राज ने सीआरपीएफ की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों की यह सामाजिक जिम्मेदारी युवाओं के भविष्य को नई दिशा दे रही है. कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षित युवाओं ने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया. इस अवसर पर मुखिया आशीष सिंह, इंस्पेक्टर श्रीनिवास दुबे, इंस्पेक्टर एसएन यादव, एएसआई राकेश सिंह, पीएन सिंह, हवलदार धनंजय सिंह चौहान, अमोल डोंगरे, गुरुदेव एवं एसआई संतोष सिंह समेत बटालियन के कई अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे.