बालूमाथ (लातेहार)। कोल डस्ट से परेशान ग्रामीणों के द्वारा हेरहंज प्रखंड के नवादा में कोयला लदे हाइवा के परिवहन रोके जाने पर सात नामजद समेत 20 लोगों पर कंपनी के द्वारा एफआईआर दर्ज कराया गया है. तुबेद कोल माइंस के माइनिंग और ट्रांसपोर्टिंग कार्य करा रही सहयोगी कंपनी के ट्रांसपोर्ट प्रबंधक श्यामल चक्रबर्ती द्वारा हेरहंज थाना में लिखित आवेदन देकर सात नामजद समेत 20 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. आवेदन के आधार पर हेरहंज थाना में प्राथमिकी संख्या 16/2026, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा115(2),127(2),304(2),308(5) के तहत दर्ज कर ली गई है. कंपनी के ट्रांसपोर्ट प्रबंधक श्यामल चक्रवर्ती द्वारा थाना को दिए गए आवेदन में कुछ स्थानीय लोगों के द्वारा कोयला लदे हाइवा वाहनो को जबरदस्ती रोककर गाली-गलौज, मारपीट करते हुए रंगदारी की मांग करने की बात कही गई है. वाहन चालकों के पास पैसा नहीं रहने की स्थिति में मारपीट भी किए जाने और सड़क को जाम कर दिए जाने तथा जाम हटाने की आग्रह पर गाड़ी में डालकर आग लगाकर जला देंने और जान से मार देंने का आरोप कंपनी ने लगाया है. इस मामले में दिलीप जायसवाल, अजीत जयसवाल, चंदन जयसवाल, राजकुमार जयसवाल, गोलू जयसवाल, विजय जयसवाल, सोनू जयसवाल (नवादा, हेरहंज) के अलावा 10-15 अजात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. कंपनी के प्रबंधक द्वार बताया गया था कि दुलाई बंद होने से कंपनी को 30-35 हजार टन कोयला परिवहन का नुकसान हुआ है. ज्ञात हो कि गुरुवार को हेरहंज प्रखंड के नवादा गांव के समीप कोल डस्ट से प्रभावित ग्रामीणों का विरोध-प्रदर्शन और हाइवा रोको आंदोलन शुरू किया गया था. जो शुक्रवार तक शाम तक जारी था. जिसमें तुबेद कोल माइंस से बालूमाथ के कुसमाही रेलवे साइडिंग तक चलने वाले कोयला लदे हाइवा वाहनों का परिचालन ठप कर दिया गया था. ग्रामीणों का कहना था कि लगातार कोल डस्ट से स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. बच्चों और बुजुर्गों को सांस संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना था कि कंपनी पिछले तीन वर्षों से रूट परिवर्तन का आश्वासन देती रही है, लेकिन अब तक यह नहीं हुआ.