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धर्म

इस्‍कॉन मंदिर, लातेहार में गौर पूर्णिमा महोत्‍सव मनाया गया

लातेहार। शहर के गायत्री नगर स्थित इस्‍कॉन मंदिर में गौर पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया गया. मौके पर मधुसूदन मुकुंद प्रभु (एमबीए, आइआईटी, कानपुर) ने कहा कि यह पर्व भगवान चैतन्‍य महा प्रभू के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता हैै. उन्‍होने बताया कि प्रभूू चैतन्‍य को भगवान कृष्ण के स्वर्ण रंग के एक भक्त के रूप में जाना जाता हैं.  गौर पूर्णिमा केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और संकीर्तन की भावना को आत्मसात करने का पावन अवसर है. उन्होंने बताया कि भगवान चैतन्य महाप्रभु ने हरिनाम संकीर्तन के माध्यम से प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश दिया था. उन्‍होने  अपने जीवन में नियमित रूप से हरिनाम जप और सत्संग को अपनाने की अपील की और कहा क‍ि इससे समाज में नैतिकता और सद्भावना का प्रसार होगी. मधुसूदन मुकुंद प्रभू ने आगे कहा कि आध्यात्मिकता का अर्थ भौतिक संसार का त्याग करना या वास्तविकता से भागना नहीं है. इसका अर्थ है इसमें शांति को खोजना है. उन्‍होने कहा कि आध्यात्मिक कक्षाएं आपको अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनने और सच्ची शांति और खुशी का अर्थ जानने का अवसर देती हैं.  आज की तेज़ रफ़्तार दुनिया में, आध्यात्मिक कक्षाएं इन कारणों से बहुत महत्वपूर्ण हैं: कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन, अभिषेक, प्रवचन और महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया गया. इसके अलावा सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया. इसमें स्‍थानीय बाल प्रतिभाओं ने चैतन्‍य महा प्रभू की झांकियां प्रस्‍तुत कर सबों का मन मोह लिया.

Ashish Tagore

Bureau Head Shubhamsanwad.com 9471504230/9334804555

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