बालूमाथ (लातेहार)। कोयला डस्ट, सड़क जाम और लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं की समस्या से परेशान बालूमाथ के व्यवसायियों व स्थानीय लोगों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है. व्यावसायिक संघ के नेतृत्व में आज गुरुवार से अनिश्चितकालीन आंदोलन के तहत सड़क जाम शुरू करने की घोषणा की गई है. बुधवार को इस संबंध में व्यवसायियों ने बैठक कर आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया. स्थानीय लोगों का कहना है, कि बालूमाथ मुख्य मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में हाईवा एवं अन्य भारी कोयला वाहनों का परिचालन होता है. वाहनों की आवाजाही के दौरान सड़क पर कोयला डस्ट उड़ने से दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय लोगों के साथ साथ स्कूली बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं भारी वाहनों के कारण आए दिन सड़क जाम की स्थिति उत्पन्न होने और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है. व्यावसायिक संघ की ओर से प्रशासन से कोयला परिवहन को निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित कराने, सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव कराने, धूल प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने तथा बालूमाथ बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों के परिचालन को नियंत्रित करने की मांग की जा रही है. संघ के सदस्यों ने कहा कि लंबे समय से समस्या के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण आंदोलन का निर्णय लिया गया है. इससे पूर्व टमटम टोला से प्रखंड कार्यालय तक पदयात्रा कर इस संबंध में बालूमाथ अंचल अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई थी. शुक्रवार को एक दिवसीय बंदी की घोषणा कर व्यवसायियों ने अपने दुकानों को बंद रखा था. उपायुक्त संदीप कुमार के पहल पर जिला प्रशासन द्वारा गठित समिति ने सोमवार को बालूमाथ स्थित प्रखंड कार्यालय में बैठक कर इस संबंध में व्यवसायियों की मांग पर कोयला परिवहन करवा रही कंपनियों से व स्थानीय लोगों से बातचीत की थी. स्थानीय लोगों व बालूमाथ के व्यवसायियों ने कोयला परिवहन के लिए बायपास का निर्माण व जब तक बाईपास नहीं तब तक भारी वाहनों के लिए नो इंट्री की मांग की थी. अनुमंडल पदाधिकारी दिनेश कुमार ने उच्चाधिकारियों को स्थानीय लोगों व बालूमाथ के व्यवसायियों की मांग से अवगत कराने की बात कही थी. स्थानीय लोगों व बालूमाथ के व्यवसायियों ने समिति को बता दिया था कि 23 सितंबर तक इस पर निर्णय नहीं होता है तो मजबूरन हम मांगें पूरी होने तक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. भारतीय जनता पार्टी, आजसू पार्टी व एआईएमआईएम ने आंदोलन का समर्थन किया है.