WhatsApp Image 2026-06-18 at 10.50.18 AM
lps
RPD NEW NEW
latehar-tuiris
alisha 4 6
carnival 1
झारखंडबरवाडीहलातेहार

छिपादोहर-हेहेगड़ा स्टेशन विस्थापन का विरोध तेज, सांसद ने लोकसभा में मामला उठाने की बात कही

ग्रामीणों की दो टूक: जीवनरेखा हैं छिपादोहर-हेहेगड़ा स्टेशन, हटाने का प्रयास हुआ तो होगा उग्र आंदोलन

बरवाडीह (लातेहार)। पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) क्षेत्र में प्रस्तावित रेल परियोजना के तहत छिपादोहर एवं हेहेगड़ा रेलवे स्टेशनों के संभावित विस्थापन के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. स्थानीय ग्रामीणों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट कर दिया है कि इन ऐतिहासिक स्टेशनों को किसी भी कीमत पर हटने नहीं दिया जाएगा. उनका कहना है कि ये स्टेशन क्षेत्र की जीवनरेखा हैं और जनता की सहमति के बिना किसी भी प्रकार का निर्णय स्वीकार नहीं होगा. यदि विस्थापन का प्रयास किया गया तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा. इस मुद्दे को लेकर चतरा लोकसभा क्षेत्र के सांसद कालीचरण सिंह से शनिवार को उनके चतरा स्थित आवास पर ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की. सांसद ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वन विभाग की आपत्तियों के बाद तैयार नए सर्वे में रेल लाइन को एक संवेदनशील वन क्षेत्र से हटाकर पुनः बेतला के घने वन एवं वन्यजीव बहुल क्षेत्र से ले जाने का प्रस्ताव गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले को आगामी लोकसभा सत्र के प्रश्नकाल में प्रमुखता से उठाया जाएगा, ताकि क्षेत्र की जनता की भावनाओं और पर्यावरणीय पहलुओं को केंद्र सरकार के समक्ष रखा जा सके. ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय तथा अन्य संबंधित विभागों को भी शिकायत भेजी गई है. प्रधानमंत्री कार्यालय के माध्यम से प्रेषित जनशिकायत पर रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल), रांची ने जवाब देते हुए कहा है कि छिपादोहर एवं हेहेगड़ा स्टेशनों के संभावित विस्थापन तथा पलामू टाइगर रिजर्व के संवेदनशील पर्यावरण और वन्यजीवों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया गया है. आरवीएनएल ने अपने जवाब में कहा है कि ग्रामीणों द्वारा दिए गए सुझावों—जैसे छिपादोहर-हेहेगड़ा रेलखंड के संवेदनशील हिस्सों की घेराबंदी, वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए अंडरपास का निर्माण तथा विस्तृत पर्यावरणीय प्रभाव आकलन—पर विचार किया जा रहा है. सभी सुझावों एवं आपत्तियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए सक्षम रेल प्राधिकारी और प्रधान मुख्य वन संरक्षक, रांची को भेज दिया गया है. साथ ही विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति ग्रामीणों की जागरूकता और नागरिक चेतना की सराहना भी की गई है. मौके पर सांसद प्रतिनिधि भीमानंद गिरी, प्रमुख सुशीला देवी, पूर्व जिला परिषद सदस्य सुनीता देवी, मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष सुभाष सिंह, उमेश चंद्रवंशी, डॉ. चंदन कुमार गुप्ता, देवनाथ सिंह, विजय प्रसाद, महेश अग्रवाल, इंद्रनाथ सिंह, प्रवीण सिंह, परमानंद प्रसाद, चंदू प्रसाद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.

Mayank Wishwkarma

संवाददाता, शुभम संवाद, बरवाडीह (लातेहार)

Mayank Wishwkarma

संवाददाता, शुभम संवाद, बरवाडीह (लातेहार)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!