महुआडांड़ (लातेहार)। स्थानीय बड़े चर्च में खजूर पर्व के अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अनुष्ठानकर्ता पल्ली पुरोहित फादर सुरेश किंडो ने पवित्र मिस्सा पूजा संपन्न कराई। फादर किंडो ने अपने संदेश में कहा कि खजूर इतवार के साथ ही ईसाई समुदाय प्रभु यीशु मसीह के दु:खभोग, मरण और पुनरुत्थान के पवित्र सप्ताह में प्रवेश करता है। उन्होंने बताया कि यह पर्व हमें उस ऐतिहासिक जुलूस की याद दिलाता है, जो लगभग दो हजार वर्ष पूर्व येरूसालेम शहर में निकाला गया था। खजूर की डालियां लेकर जुलूस में शामिल होना इस बात का प्रतीक है कि हम यीशु का अपने हृदय और जीवन में स्वागत करते हैं।उन्होंने आगे कहा कि पवित्र सप्ताह के दौरान हम यीशु के जीवन, वचन और शिक्षाओं के गहरे अर्थ को समझते हैं। यह समय मानव जीवन के दु:ख, पीड़ा, चिंता और वेदना को समझने के साथ-साथ सच्ची स्वतंत्रता, शांति और आनंद की ओर अग्रसर होने का संदेश देता है. मिस्सा पूजा से पूर्व श्रद्धालुओं ने खजूर की डालियों के साथ चर्च परिसर में भव्य शोभायात्रा निकाली। यह शोभायात्रा चर्च परिसर से निकलकर संत जोसेफ हॉस्टल होते हुए विद्यालय परिसर का भ्रमण कर पुनः चर्च पहुंची, जहां प्रार्थना सभा में परिवर्तित हो गई. इस अवसर पर फादर दिलीप एक्का, फादर एम.के. जोश, फादर बरथोलोमी, हेड प्रचारक आनंद तथा सिस्टर स्वाती सहित बड़ी संख्या में ईसाई धर्मावलंबी उपस्थित थे। भजन-कीर्तन का संचालन संत जोसेफ विद्यालय के हॉस्टल की युवतियों एवं सिस्टरों द्वारा किया गया। महुआडांड़ चर्च के अलावा गोठगांव, तुंदटोली, पकरीपाठ, चेतमा, साले और चोरोपाठ पारिष में भी खजूर पर्व के अवसर पर शोभायात्रा निकाली गई।