लातेहार। जिले के बारियातू के बचरा जलाशय 2,14,400 महाझिंगा बीज का संचयन किया गया है. विभाग के द्वारा जलाशय के किसानों के लिए महाझिंगा पालन हेतु महाझिंगा आहार ,मिनरल ओर जियोलाइट भी उपलब्ध कराया गया है. मौके पर महाझिंगा बीज संचयन में सिफ़री के प्रधान वैज्ञानिक डॉक्टर एके दास, जिला मत्स्य पदाधिकारी लातेहार, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी पारस नाथ महतो आदि मौजूद थे. झारखंड सरकार मत्स्य विभाग के कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के द्वारा जलाशयों में महाझिंगा पालन हेतु आदिवासियों के जीविका में सुधार के लिए ये योजना चलायी जा रही है. इस योजना को आईसीएआर सीफरी, बैरकपुर कोलकाता के प्रधान वैज्ञानिक डा एके दास के देख रेख में संचालित किया जा रहा है. जलाशयों में महाझिंगा पालन से आदिवासियों के जीविका में काफी परिवर्तन आएगा. आज तक किसान जलाशय में मछली पालन करते थे लेकिन अब छोटे जलाशयों में मछली के साथ महाझिंगा का भी पालन करेंगे. महाझिंगा पालन से किसान अपने जीवन में सुधार ला सकते है. गौरतलब बता दे कि पहले झारखंड में तीन जलाशयों में घाघरा जलाशय हजारीबाग,केलाघाघ जलाशय सिमडेगा तथा मसरिया जलाशय गुमला में महाझिंगा पालन किया जा रहा था, किसानों को अच्छा प्रदर्शन देखते हुए जिला के सभी डीएफओ ने अपना रुचि दिखाते हुए विभाग से अन्य छोटे जलाशयों में महाझिंगा पालन होने के बात रखी थी. उसके बाद राज्य के अन्य छह नए जलाशयों में महाझिंगा का पालन किया जा रहा है.