


वहीं भवन निर्माण में इस्तेमाल की जा रही ईंटों की गुणवत्ता भी खराब बताई गई है. उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान ही कई ईंटें टूटकर टुकड़ों में बंट गई हैं, जिससे भवन की मजबूती और भविष्य में इसकी टिकाऊ क्षमता पर सवाल खड़ा हो गया है. भाकपा माले जिला सचिव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में बनने वाली सरकारी परिसंपत्तियां आम लोगों के हित के लिए होती हैं. ऐसे में निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या घटिया सामग्री का इस्तेमाल सरकारी राशि की बर्बादी के साथ ग्रामीणों के साथ भी अन्याय है. उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों से निर्माण स्थल का तत्काल निरीक्षण कर सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराने तथा मानक के विपरीत पाए जाने पर जिम्मेवार संवेदक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं की गई और योजना से संबंधित जानकारी को सार्वजनिक करने के बजाय पारदर्शिता छिपाने का प्रयास जारी रहा, तो भाकपा माले सैकड़ों ग्रामीणों के साथ निर्माण कार्य को रोकने के लिए आंदोलन करने को बाध्य होगी. उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जानकारी दूरभाष के माध्यम से विधायक रामचंद्र सिंह को भी दे दी गई है. बिरजू राम ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि जांच में यदि अनियमितता और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की पुष्टि होती है तो संवेदक पर कार्रवाई के साथ-साथ मानक के अनुरूप निर्माण कार्य दोबारा कराया जाना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि ग्रामीणों के हित से जुड़े इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.