लातेहार। सहायक अध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष अतुल कुमार सिंह ने जे-टेट सिलेबस से पलामू प्रमंडल में भोजपुरी- मगही भाषा को हटाना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होने कहा कि यह राज्य सरकार की तानाशाही है. उन्होने आगे कहा कि झारखंड की मौजूदा सरकार पलामू प्रमंडल के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. उन्होने कहा कि बिहार राज्य से सटे पलामू प्रमंडल से भोजपुरी व मगही भाषा को हटाना और बंगला व उड़िया आदि भाषा को शामिल करना ये दर्शाता है कि सरकार मूल निवासी के भावनाओं से खेल रही है. उन्होने कहा कि अन्य राज्य में झारखंड के लोगों को फॉर्म भरने ही नहीं दिया जाता है. जबकि कुछ राज्य दस फीसदी तक ही अन्य राज्यों को आरक्षण देते है. लेकिन झारखंड में फार्म भरने के लिए भारत का नागरिक होना शर्त रखी गयी है. झारखंड के हजारों युवा सीटेट पास कर चुके है, लेकिन उसे झारखंड में लागू करने के कई बहाने बनाती है. जब जे-टेट का विज्ञप्ति जारी करती है तो भारत देश देश का नागरिक होने का शर्त रखती है. इससे झारखंड के बाहर के राज्यों के लोगों को भी पात्रता मिल जाती है. यह पूरी तरह गलत है. पारा शिक्षक 20 वर्षों से अधिक समय से प्राथमिक शिक्षा का ज्योत जगाते आ रहे है उसके लिए कोई छूट नहीं दिया गया है. जबकि अन्य राज्य छूट देते है. श्री सिंह ने तत्काल विज्ञप्ति को रद्द करते हुए मूल निवासी के भावना के अनुरूप सुधार कर विज्ञप्ति जारी करने की मांग की है.