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लातेहार

रितेश महलका ने रक्‍तदान कर बच्‍ची की जीवन रक्षा की

लातेहार। झारखंड प्रांत मारवाड़ी युवा मंच के प्रांतीय संयोजक रितेश कुमार महलका ने मंगलवार को रक्‍तदान कर एक चार वर्षीय थैलेसीमिया पीड़‍ित बच्‍ची की जीवन रक्षा की. बता दें कि मनिका प्रखंड के बरवाडीह गांव की बजरंग राम और संजू देवी की चार वर्षीय पुत्री विधि कुमार थैलेसीमिया रोग से ग्रसित है और उसे प्रत्‍येक माह बी पोजिटीव रक्‍त की जरूरत पड़ती है. उसकी पुत्री सदर अस्‍पताल में भर्ती है. मंगलवार को चिकित्‍सकों ने बी पोजिटिव रक्‍त की नितांत आवश्‍यकता बतायी थी. लेकिन ब्‍लड बैंक में बी पोजिटीव ग्रुप का रक्‍त नहीं था, इस कारण बच्‍ची का इलाज नहीं हो पा रहा था. इसके बाद विधि की माता संजू देवी ने उपायुक्‍त को आवेदन सौंप कर रक्‍त उपलब्‍ध कराने का आग्रह किया. सोशल मीडिया पर भी इसे प्रसारित किया गया. जब इसकी जानकारी रितेश महलका को मिली तो वे खुद से ब्‍लड बैंक पहुंच कर रक्‍तदान किया. रितेश महलका ने बताया कि यह उनका 35 वां रक्‍तदान है और रक्‍तदान कर उन्‍हें काफी संतोष होता है. उन्‍होने दूसरे युवकों को भी  रक्‍तदान करने के लिए प्रेरित किया और कहा क‍ि हर स्‍वस्‍थ्‍य मनुष्‍य हर तीन म‍हीने में रक्‍तदान कर सकता है. उन्‍होने कहा कि यह भ्रांति है कि रक्‍तदान करने से कोई कमजोरी होती है. बल्कि रक्‍तदान करने से कई रोगों से बचा जा सकता है. रक्‍त संग्रह ब्‍लड बैंक के तकनीकि सहायक विनय कुमार सिंह ने किया. मौके पर नितेश यादव व आकाश कुमार जायसवाल आदि मौजूद थे. विधि के परिजनों ने इस पुनित कार्य के लिए रितेश महलका के प्रति आभार प्रकट किया.

क्‍या है थैलेसीमिया
थैलेसीमिया एक वंशानुगत रक्त विकार है, जो शरीर की हीमोग्लोबिन (लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला प्रोटीन जो ऑक्सीजन को ले जाता है) के उत्पादन को प्रभावित करता है. इससे एनीमिया नामक स्थिति पैदा होती है, जिसमें शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या कम होती है. थैलेसीमिया का रोग होने सेएनीमिया, थकान, कमजोरी, सांस लेने में कठिनाई, और पीलापन, बच्चों में शारीरिक विकास में देरी तथा हड्डियां मोटी और कमजोर हो सकती हैं.
Ashish Tagore

Bureau Head Shubhamsanwad.com 9471504230/9334804555

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