लातेहार। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम दिनेश कुमार मिश्रा की अदालत ने एनडीपीएस केस संख्या 8/ 2016 की सुनवाई के उपरांत दोषियों को 8- 8 वर्षों का सश्रम कारावास एवं 50-50 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाया है. जुर्माना की राशि का भुगतान नहीं करने पर 1- 1वर्ष की अतिरिक्त सजा निर्धारित किया है. अपर जिला अभियोजन पदाधिकारी शिव शंकर राम ने अदालत में कुल नौ गवाहों को प्रस्तुत किया. मामले के अनुसार तत्कालीन थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक कमलेश्वर पांडेय के फर्दबयान पर गत 17 जुलाई 2016 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
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दर्ज प्राथमिकी के अनुसार पुलिस के वरीय पदाधिकारियो को अफीम की तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी. जिसके सत्यापन में पुलिस निरीक्षक कमलेश्वर पांडेय के नेतृत्व में एक टीम टोरी रेलवे स्टेशन पर घात लगाकर तैयार थी. इसी क्रम में तीन संदिग्ध जम्मूतवी एक्सप्रेस ट्रेन के इंतजार करते देखे गए तीनों अपराधी पुलिस को आगे बढ़ता देखकर भागने का प्रयास किया. पुलिस बल द्वारा उन्हें दौड़ाकर पकड़ा गया. पकड़े गए आरोपियों ने अपना – अपना नाम नारायण यादव, महेंद्र यादव एवं लाल बिहारी यादव बताया. पुलिस ने बारी-बारी से तीनों की तलाशी ली. तलाशी के क्रम में हैंडबैग में एक प्लास्टिक में रखा एक किलोग्राम अफीम एवं कई आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद की.
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न्यायाधीश श्री मिश्रा ने दोनों पक्षों की दलीलें एवं गवाहों के बयान के आधार पर तीनों आरोपियों नारायण यादव, महेंद्र यादव एवं लाल बिहारी यादव को अफीम तस्करी के आरोप को सत्य पाया. मिश्रा की अदालत ने गुरुवार को एनडीपीएस की धारा 17 बी के तहत तीनों आरोपियों को सश्रम 8- 8 वर्षों की कारावास एवं 50- 50 हजार रुपए की जुर्माना की सजा मुकर्रर किया. अदालत ने जुर्माना नहीं दिए जाने की स्थिति में एक – एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाया है. अभियोजन पदाधिकारी शिव शंकर राम ने बताया कि इस फैसले से अफीम की तस्करी करने वालों में हड़कंप है. उन्होंने बताया कि तस्करों के द्वारा पहले से भी जम्मूतवी एक्सप्रेस ट्रेन से शहरों में ले जाकर अफीम बेचने की गुप्त सूचना लगातार पुलिस को मिल रही थी.