लातेहार
ऐसा क्या हुआ जो वंशी यादव को मिला भाजपा जिला अध्यक्ष का पद


इसमें बतौर पर्यवेक्षक पूर्व मंत्री नीलकंठ मुंडा व भाजपा कार्य समिति सदस्य श्याम नारायण दुबे व रघुराज पांडेय मौजूद थे. इस राय शुमारी में 52 में से 47 सदस्यों ने भाग लिया था. भाजपा के अंदर के सूत्र बताते हैं कि इस राय शुमारी में तत्कालीन जिला अध्यक्ष पंकज सिंह, उपाध्यक्ष राकेश कुमार दुबे व संतोष यादव (हेरहंज) और महामंत्री वंशी यादव और सांसद प्रतिनिधि अमलेश सिंह को जिला अध्यक्ष पद की दौड़ में आगे चल रहे थे. लेकिन प्रदेश नेतृत्व इस बार लातेहार में ओबीसी कार्ड खेलना चाहती है. ऐसे में इन नामों में वंशी यादव और संतोष यादव के नामों पर विचार किया गया. विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कि लातेहार विधायक प्रकाश राम से संतोष यादव की नजदीकी नहीं है, इसलिए वंशी यादव के नाम को फाइनल कर दिया गया.
बता दें कि इससे पहले लातेहार में ओबीसी के दो जिला अध्यक्ष रह चुके हैं. इनमें राजेश्वर यादव ( अब स्वर्गीय) और राजधनी यादव का नाम शामिल है. जबकि सवर्ण राजपूत में से चार टर्म जिला अध्यक्ष रहे हैं. इनमें लाल कौशल नाथ शाहदेव, अमीत सिंह ( दो बार) और पंकज सिंह का नाम है. लातेहार जिला गठन होने के बाद अनिरूद्ध सिंह को भाजपा का संयोजक बनाया गया था. हालांकि वैश्यों की पार्टी माने जाने वाली भाजपा में वैश्य बहुल लातेहार से एक भी वैश्य नेता जिला अध्यक्ष नहीं बन पाये हैं. वंशी यादव मनिका विधानसभा क्षेत्र के होटवाग ग्राम निवासी हैं और यह भी संयोग है कि ओबीसी समुदाय के जितने भी जिला अध्यक्ष बने सभी मनिका विधानसभा क्षेत्र से आते हैं. इससे पहले पूर्व विधायक हरिकृष्ण सिंह भी लातेहार के भाजपा जिला अध्यक्ष रह चुके हैं और श्री सिंह भी मनिका विधानसभा से ही आते हैं. पंकज सिंह ही एक मात्र ऐसे जिला अध्यक्ष रहे जो लातेहार जिला मुख्यालय से आते थे.