


श्री सिन्हा भारत में एटलस एग्रो प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के प्रबंध निदेशक के पद पर भी कार्यरत हैं. उन्होंने यहां लगभग एक लाख वृक्षारोपण किया जो वर्तमान में विशाल पेड़ का रूप धारण कर लिया है. हरित क्रांति के प्रति इसी समर्पण से प्रोफेसर सिन्हा का चयन अमेरिकी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद पर हुआ. एक एनआरआई के द्वारा हरित क्रांति के प्रति समर्पण ने उन्हें अमेरिकी यूनिवर्सिटी के चीन स्थित केंद्र में पदस्थापित किया है. उनके हरित क्रांति एवं शिक्षा में दिए असाधारण योगदान से प्रभावित होकर चीन की सरकार ने उन्हें वर्ष 2025 का बेस्ट अवार्ड कैमलिया पुरस्कार से सम्मानित किया है.
गौरतलब है चीन की सरकार के द्वारा वर्ष में एक बार कैमलिया सम्मान अर्थात चीन में रह रहे विदेशी नागरिकों को मैत्री, सहयोग , संस्कृति,शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, व्यापार या सामाजिक क्षेत्र में हरियाली लाने में असाधारण योगदान करने वाले अपने विदेशी मेहमानों को प्रत्येक वर्ष सम्मानित करता है. चीन का यह राष्ट्रीय सम्मान भारत वंशीय प्रोफेसर सिन्हा को शिक्षा एवं हरियाली में विशेष योगदान देने के लिए प्रदान किया गया है. मालूम हो श्री सिन्हा प्रत्येक वर्ष के दिसंबर महीने में होने वाले वैश्विक वार्षिक अवकाश के दौरान भारतवर्ष आते हैं और इस दौरान उनका लातेहार प्रवास भी अवश्य होता है.
वह यहां लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुक करते हैं लेकिन इस वर्ष दिसंबर में चीन में उन्हें विशेष सम्मान समारोह में आमंत्रित किया गया, जिसकी वजह से वे लातेहार नहीं आ सकें. श्री सिन्हा के विदेश में सम्मानित होने पर स्थानीय अधिवक्ता सुनील कुमार, अधिवक्ता बदरू दोजा, अधिवक्ता नय्यर कमर ,एटलस एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एसएस प्रसाद, सेवा निवृत पुलिस पदाधिकारी एसडी राय, प्रोफेसर एन पांडेय ,प्रोफेसर रघुवंश सिंह, समाजसेवी श्यामदेव सिंह, लड्डू सिंह आदि ने उन्हें बधाई दिया है. 