ओमकार कोल वॉशरीज प्राइंवेट लिमिटेड के तेजेंदर सिंह व कंसल्टेंट के रूप में स्वप्निल कांबले ने कंपनी के द्वारा प्रस्तावित 2.48 एमटीपीए प्रति वर्ष क्षमता के कोल वाशरी परियोजना के लिए 7.48 हेक्टेयर जमीन जमीन का उपयोग किए जाने की बात कही. जिसमें सीसीएल के तेतरियाखाड, मगध, आम्रपाली व अशोका परियोजना से कोल आपूर्ति के पश्चात सालाना 20 लाख कोल वाश की क्षमता वाले प्लांट से तैयार कोयले को कुशमाही साइडिंग के माध्यम से अन्यत्र भेजा जाएगा.
कपंनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि अगले तीन वर्ष में 14 हजार पौधे लगाए जाएंगे जिससे पर्यावरण का संतुलन बना रहे. ओल्हेपाट के ग्रामीणों में अनु उरांव, बल्केश्वर गंझू, सुरेश तूरी, सुनील लोहरा, ललिता कुजूर, शांति देवी, जितेंद्र कुमार तूरी, शंभू कुमार गंझू, मदन गंझू, अनिल तिर्की ने कंपनी के समक्ष पर्यावरण प्रदूषण, जल प्रदूषण, स्वास्थ्य, कृषि तथा सड़क दुर्घटना से पड़ने वाले प्रभाव व शिक्षा, पेयजल, रोजगार पर कंपनी का पक्ष जानना चाहा.
इस पर कंपनी के प्रतिनिधियों ने बारी बारी से ग्रामीणों को अपने जवाब से संतुष्ट किया. अपर समाहर्ता रमा रविदास ने कहा कि ग्रामीण बाहें फैलाकर कंपनी का स्वागत करने के लिए तैयार है. अब कंपनी का दायित्व बनता है कि ग्रामीणों के आशाओं और आकांक्षाओं पर खरा उतरने का काम करे और झारखंड सरकार की नीतियों के तहत 75 प्रतिशत स्थानीय को रोजगार उपलब्धता सुनश्चित करायें. जिप उपाध्यक्ष अनिता देवी ने परियोजना शुरू होने से होने वाले विकास और विकास से वंचित लोगों के बारे में कंपनी को विचारने की बात कही.
पंचायत समिति सदस्य ईश्वरी पासवान ने ग्रामीणों के द्वारा कंपनी को मिल रहे सहयोग की सराहना की. मौके पर बालूमाथ अंचल अधिकारी बालेश्वर राम, सांसद प्रतिनिधि प्रेम प्रसाद गुप्ता, सहायक अभियंता दिनेश कुमार सिंह, हल्का कर्मचारी बीरेंद्र टोप्पो, ग्राम प्रधान चरका पाहन, बालूमाथ निवासी झारखंड प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी प्रवीण कुमार सिंह, लाल रंजीत कुमार नाथ शहदेव, मो आरिफ समेत भारी संख्या में महिला व ग्रामीण उपस्थित रहे.