लातेहार। राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर सूचना सभागार में एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. चंदन कुमार ने मीडिया की भूमिका, चुनौतियों और जिम्मेदारियों पर विस्तार से अपने विचार रखे। सेमिनार में पहुंचे विभिन्न मीडिया कर्मियों को अंग वस्त्र डायरी और पेन देकर सम्मानित भी किया गया।डॉ. चंदन कुमार ने कहा कि प्रेस नागरिकों की आँख और कान की तरह कार्य करती है। यह जनमत निर्माण, जागरूक समाज के निर्माण तथा शासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए उसकी विश्वसनीयता लोकतंत्र की मूल नींव है।
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उन्होंने चेताया कि जब समाचार गलत और भ्रामक सूचनाओं से प्रभावित होते हैं, तो इससे जनता की सही समझ पर प्रतिकूल असर पड़ता है और राष्ट्रीय सद्भाव एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर होती है।डॉ. कुमार ने कहा कि आज प्रेस की विश्वसनीयता कई मोर्चों पर खतरे में है। फर्जी खबरें, विशेषकर सोशल मीडिया के माध्यम से, तेजी से फैलती हैं और तथ्यों को विकृत करके नागरिकों को भ्रमित करती हैं। पेड न्यूज़ और विज्ञापन आधारित सामग्री पत्रकारिता की वस्तुनिष्ठता को कमजोर करते हैं तथा प्रचार और रिपोर्टिंग के बीच की रेखा धुंधली कर देते हैं। पीत पत्रकारिता और सनसनीखेजी TRP की दौड़ में सटीकता और जनहित को पीछे छोड़ देती है, जिससे प्रेस की विश्वसनीयता गहराई से प्रभावित होती है।तकनीक की तेज़ी और नई चुनौतियाँ
उन्होंने कहा कि रीयल-टाइम कम्युनिकेशन, सोशल मीडिया और कंटेंट निर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग ने खबरों के उत्पादन और उपभोग की गति को अभूतपूर्व तरीके से बढ़ाया है।
इस तेज़ी में कई बार मीडिया संस्थान सटीकता और तथ्यों की पुष्टि की कीमत पर “सबसे पहले” खबर देने की होड़ में लग जाते हैं। इससे जनता का विश्वास लगातार कम होता जा रहा है।
समाधान: सत्य, सटीकता और नैतिकता के प्रति पुनः प्रतिबद्धता
डॉ. कुमार ने कहा कि प्रेस की विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए मीडिया संगठनों को पत्रकारिता के मूल सिद्धांत—
सत्य, सटीकता, निष्पक्षता और स्वतंत्रता—
के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरानी होगी।नैतिक आत्म-नियमन, तथ्य आधारित रिपोर्टिंग की संस्कृति और तकनीकी विकास के साथ जिम्मेदार तरीके से कदम मिलाना आवश्यक है। कार्यक्रम में राजीव मिश्रा, चंद्रप्रकाश सिंह, संजीत गुप्ता, पंकज गुप्ता, नीरज सिन्हा, चंद्रप्रकाश सिं, मनीष सिन्हा, संजीत पांडेय, रामकुमार मिस्त्री, विभूति नाथ, कमलेश गुप्ता, निहित कुमार, राहुल पांडेय, रूपेश अग्रवाल, रूपेश कुमार, राजेश प्रसाद गुप्ता, संतोष कुमार, संजय प्रजापति, अमित पांडेय, मनोज दत्त, बब्लू खान, वीरेंद्र प्रसाद और अन्य पत्रकार मौजूद रहे।