लातेहार। पलामू से रांची के लिए पदयात्रा में निकले पलामू के बर्खास्त अनुसेवक लातेहार पहुंचे. यहां उन्होने स्थानीय होटल ब्लिस में एक प्रेस वार्ता कर अपनी पीड़ा मीडिया के सामने रखी. बर्खास्त अनुसेवकों ने बताया कि वे पलामू जिले के विभिन्न विभागों में वर्षों से कार्यरत थे. लेकिन अचानक एक मार्च 2025 को बिना किसी नोटिस और स्पष्टीकरण के उन्हें बर्खास्त कर दिया गया. इस निर्णय से उनके समक्ष भूखों मरने की नौबत आ गयी है. वे और उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट में आ गए हैं.
बर्खास्त अनुसेवक कृष्णा पासवान ने कहा कि न्याय की मांग को लेकर बरखास्त अनुसेवकों ने पिछले तीन जनवरी से रांची के लिए पदयात्रा शुरू की है. आगामी आठ जनवरी को रांची पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है. जबकि नौ जनवरी को रांची में धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे. उन्होंने कहा कि उनके पास न तो यात्रा का भाड़ा है और न ही भोजन की व्यवस्था. बावजूद इसके न्याय की उम्मीद में वे पैदल चल रहे हैं. अनुसेवक राकेश कुमार ठाकुर ने कहा कि यह पदयात्रा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक अपनी बात पहुंचाने का माध्यम है. प्रेस वार्ता में अनुसेवकों ने बताया कि लातेहार विधायक प्रकाश राम ने मानवता के नाते अनुसेवकों के रहने और खाने की व्यवस्था की. इसके लिए सभी बर्खास्त अनुसेवकों ने उनका आभार प्रकट किया. विधायक प्रकाश राम ने विधानसभा सत्र के दौरान दो बार अनुसेवकों की बर्खास्तगी का मुद्दा उठाया है और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी से भी इस विषय पर मुलाकात की है.
विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार ने कहा कि बिना कारण और नोटिस के 251 अनुसेवकों को हटाना पलामू जिला प्रशासन की गंभीर त्रुटि है. उन्होंने कहा कि अनुसेवकों ने अपना पूरा जीवन जिला प्रशासन के लिए काम करते हुए बिताया है. आज उनकी उम्र इतनी हो गयी है कि वे कोई दूसरी नौकरी भी नहीं पा सकते है, ऐसे में उन्हें बरखास्त कर देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. बर्खास्त अनुसेवकों की प्रमुख मांगों में सभी अनुसेवकों का एकमुश्त समायोजन, बर्खास्त दो मृतक अनुसेवकों के आश्रित परिवार को अनुकंपा नियुक्ति, छत्तीसगढ़ सरकार की तर्ज पर कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर समायोजन, समायोजन तक पलामू जिले में नई नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाना शामिल है. उन्होंने कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे आगे और आंदोलन के लिए मजबूर होंगे. मौके पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष राकेश दुबे, विधायक प्रतिनिधि अनिल सिंह, विशाल चंद्र साहू, संत कुमार गुप्ता सहित सभी बर्खास्त अनुसेवक मौजूद थे.