लातेहार। लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड अंतर्गत बरवाटोली पंचायत के ग्राम रूद में पारंपरिक प्राकृतिक पूजा-पाठ बंद रहने को लेकर ग्रामीणों में गहरी चिंता और भय का माहौल है. सैकड़ों ग्रामीणों ने इस संबंध में उपायुक्त लातेहार को आवेदन सौंपते हुए गांव में वर्षों से चली आ रही धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को पुनः शुरू कराने की मांग की है. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पूर्वकाल से सरहुल, कर्मा, होलिका दहन, सावन सप्तमी सहित अन्य पारंपरिक अनुष्ठान नियमित रूप से होते रहे हैं. इन सभी पूजा-पाठ की शुरुआत गांव के पहान (परंपरागत पुजारी) द्वारा की जाती थी. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन महीनों से ये पूजा-अर्चना पूरी तरह बंद है, जिसके कारण गांव में अशुभ घटनाएं बढ़ी हैं. ग्रामीणों के अनुसार, इन धार्मिक अनुष्ठानों के संचालन के लिए ग्राम स्तर पर लगभग 33.47 एकड़ जमीन भी उपलब्ध है. आरोप है कि यह जमीन वर्तमान में पहान परिवार के अधिकार में है, लेकिन पारिवारिक विवाद के कारण संबंधित लोग पूजा-पाठ का निर्वहन नहीं कर रहे हैं. ग्रामीणों ने आवेदन में मनोज पाहन, निर्मल पाहन, अशोक पाहन, राम सेवक राम, अर्जुन पाहन, सुखदेव पाहन, बासदेव पाहन, जमुना देवी, राजो देवी, सुमित्रा देवी एवं सुमंती देवी का नाम उल्लेख करते हुए कहा है कि इनकी आपसी विवाद के चलते पूरे गांव की धार्मिक परंपराएं प्रभावित हो रही हैं. ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पूजा-अनुष्ठान बंद रहने से गांव में भय और असुरक्षा का वातावरण बन गया है.