लातेहार। जिला मुख्यालय सहित विभिन्न प्रखंडों और गांवों में बट सावित्री पूजा श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। सुबह से ही सुहागिन महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सोलह श्रृंगार कर वट वृक्ष के नीचे एकत्रित हुईं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए कच्चा सूत लपेटा तथा अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन माता सावित्री ने अपने तप और संकल्प से अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस प्राप्त किए थे। उसी परंपरा को निभाते हुए महिलाएं इस व्रत को आस्था के साथ निभाती हैं। पूजा के दौरान कथा श्रवण, गीत-भजन और पारंपरिक रीति-रिवाजों का भी आयोजन हुआ। जिले के कई स्थानों—मंदिर परिसर, मोहल्लों और गांवों के वट वृक्षों के नीचे—पूरे दिन पूजा का वातावरण बना रहा। कई जगहों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा कर सामाजिक एकता का संदेश भी दिया। इस अवसर पर बाजारों में पूजा सामग्री की दुकानों पर भी अच्छी चहल-पहल देखी गई।