बरवाडीह (लातेहार)। ईस्ट सेंट्रल रेलवे (ईसीआर) के सीपीडीआर–बरवाडीह–मंगरा सेक्शन में निर्माणाधीन तीसरी रेल लाइन परियोजना का सोमवार को कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) गुरु प्रकाश ने निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने मंगरा हाल्ट पहुंचकर रेल लाइन निर्माण कार्य, ट्रैक की गुणवत्ता तथा सुरक्षा मानकों का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान धनबाद रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अखिलेश मिश्र सहित रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की मौजूदगी तो रही, लेकिन मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर उनका रवैया चर्चा का विषय बन गया. परियोजना की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और निरीक्षण के उद्देश्य को लेकर पत्रकारों ने जानकारी चाही, लेकिन सीआरएस गुरु प्रकाश और डीआरएम अखिलेश मिश्र ने किसी भी प्रश्न का स्पष्ट उत्तर नहीं दिया. अधिकारियों की इस चुप्पी को लेकर स्थानीय लोगों में भी कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. लोगों का कहना है कि यदि परियोजना का कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और पूरी पारदर्शिता के साथ हो रहा है, तो अधिकारियों को मीडिया के सवालों का जवाब देने से परहेज नहीं करना चाहिए. उनका मानना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस महत्वपूर्ण परियोजना में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना रेलवे की जिम्मेदारी है. गौरतलब है कि तीसरी रेल लाइन परियोजना पूरी होने के बाद इस रेलखंड में ट्रेनों का परिचालन अधिक सुगम होने के साथ माल एवं यात्री ट्रेनों की आवाजाही भी बेहतर होने की उम्मीद है. ऐसे में निरीक्षण को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि निरीक्षण के बाद अधिकारियों की चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सभी की निगाहें निरीक्षण रिपोर्ट पर टिकी हैं. यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रिपोर्ट में निर्माण कार्य को लेकर क्या निष्कर्ष सामने आते हैं और यदि कहीं कोई कमी पाई जाती है तो उसे दूर करने के लिए रेलवे प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है.