ग्रामीणों ने लगाया आरोप- पुरानी सड़क बंद कर बनाया वैकल्पिक रास्ता, पुलिया नहीं होने से आवागमन बाधित; कुआं और देवी मंडप भी हुए क्षतिग्रस्त
बरवाडीह (लातेहार)। प्रखंड की हुकामाड़ पंचायत अंतर्गत पैरा गांव में रविवार को सड़क की बदहाली से नाराज दर्जनों महिला-पुरुषों ने संत क्लारेट स्कूल के पास मेटल लदे दो हाइवा को रोक दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि केपीटीएल कंपनी द्वारा रेल क्षेत्र में नई यार्ड रेल लाइन का निर्माण कराया जा रहा है. निर्माण कार्य के दौरान कंपनी ने गांव से बरवाडीह आने-जाने वाली पक्की कालीकरण सड़क को यह कहकर बंद कर दिया था कि ग्रामीणों के आवागमन के लिए वैकल्पिक सड़क बनाई जाएगी. कंपनी ने सड़क तो बना दी, लेकिन बीच में पुलिया का निर्माण नहीं होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है. ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया नहीं होने से वैकल्पिक सड़क से आवागमन बाधित है. लोगों को मजबूरी में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. वहीं, अब कंपनी द्वारा गांव की सड़क से मेटल लदे बड़े-बड़े हाइवा का परिचालन कराया जा रहा है. इससे गांव की सड़क भी धीरे-धीरे खराब होती जा रही है. ग्रामीणों ने कहा कि कंपनी पहले ही उनकी पुरानी सड़क को बर्बाद कर चुकी है और अब गांव की सड़क को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है.
कुआं निर्माण के लिए राशि देने का किया था वादा
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर नई यार्ड रेल लाइन का निर्माण कराया जा रहा है, वहां गांव का दशकों पुराना कुआं था. सरहुल पूजा के दौरान ग्रामीण इसी कुएं से पूजा के लिए पानी लेते थे. कुएं से थोड़ी दूरी पर देवी मंडप भी स्थित था, जहां ग्रामीण पूजा-अर्चना करते थे. ग्रामीणों के अनुसार, कंपनी की ओर से आश्वासन दिया गया था कि वे गांव में किसी दूसरे स्थान पर कुएं का निर्माण करा लें, जिसकी पूरी लागत कंपनी देगी. कंपनी के आश्वासन पर ग्रामीणों ने दूसरे स्थान पर कुआं तो बनवा लिया, लेकिन उन्हें अब तक निर्माण की राशि नहीं मिली. ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि देवी मंडप भी पानी में ध्वस्त हो गया.
थाना प्रभारी के हस्तक्षेप के बाद जाने दिए वाहन
ग्रामीणों द्वारा हाइवा रोके जाने की सूचना मिलने पर बरवाडीह थाना प्रभारी अनुराग कुमार ने पुलिस अधिकारी एएसआई अशोक सिंह को घटनास्थल पर भेजा. वहां एएसआई ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और पूरे मामले की जानकारी ली. इसके बाद उन्होंने कंपनी का काम देख रहे कनीय अभियंता दीपांशु पांडेय से बात की. कनीय अभियंता ने आश्वासन दिया कि ग्रामीणों की सड़क से संबंधित शिकायत कंपनी तक पहुंचाई जाएगी और सड़क की मरम्मत कराई जाएगी. वहीं, थाना प्रभारी अनुराग कुमार ने दूरभाष पर ग्रामीणों से कहा कि फिलहाल आए वाहनों को जाने दिया जाए. इसके बाद वहां से गाड़ियों का परिचालन नहीं होगा. उन्होंने ग्रामीणों से कुछ लोगों के थाना पहुंचकर आवेदन देने को भी कहा. इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों हाइवा को जाने दिया. हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई जाती, तब तक वे गांव की सड़क से भारी वाहनों का परिचालन नहीं होने देंगे.