लातेहार। सहायक अध्यापक स्व मुनेश्वर सिंह (कोलेबिरा, सिमडेगा) के पुण्य तिथि को पारा शिक्षकों ने शहादत दिवस के रूप में मनाया लातेहार जिला अध्यक्ष अतुल सिंह एवं महासचिव अनूप कुमार ने कहा कि 2007 के आंदोलन के क्रम में मुनेश्वर सिंह पुलिस के लाठी से घायल हो गए थे. बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी.
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उन्होंने कहा कि 2007 से 2025 के बीच लगभग पांच सौ से ज्यादा पारा शिक्षक इस दुनिया को छोड़ चुके है, लेकिन दुख के साथ कहना है कि पहले की या वर्तमान सरकार आज तक हम सभी पारा शिक्षकों के साथ न्याय नहीं कर सका है। सुप्रीम कोर्ट का भी मानना है कि एक ही कार्य लेने वालों से जमीन आसमान का फर्क रखना न्यायसंगत नहीं है.
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20 वर्ष से भी ज्यादा समय से अल्प मानदेय में कार्य करने वाले मूल निवासी पारा शिक्षकों के साथ अब तो न्याय किया जाना चाहिए. वर्तमान सरकार ने सिर्फ हमारा नाम बदल कर सहायक अध्यापक किया है और नियमावली, एक हजार की बढ़ोतरी और अनुकंपा आदि सभी सिर्फ फाइलों की शोभा बढ़ाते आ रहे है. हर सप्ताह कोई न कोई शिक्षक इस दुनिया को छोड़ कर जा रहे है. वैसे शिक्षकों के बाल बच्चो और माता पिता के बारे में भी सरकार कुछ नहीं सोच रही है.
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स्वर्गीय सिंह को श्रद्धांजलि देने वालो में प्रदेश अध्यक्ष ऋषिकेश पाठक, प्रदेश उपाध्यक्ष बेलाल अहमद, जिला अध्यक्ष अतुल सिंह, महासचिव अनूप कुमार, अभिनय कुमार मिश्र, प्रमोद यादव, पवन कुमार यादव, निर्मल कुमार यादव, अजय कुमार सिंह, गोविंदा कुमार, उमेश साहू, सुनील सिंह, शेखर यादव, संजय सिंह, राजेश सिंह, सतपाल उरांव, विजय गुप्ता, मनोज सहाय, गुलाम अनवर, दिलीप प्रसाद, दिनेश ठाकुर, समोधी यादव, प्रदीप दुबे, मीना देवी, सरोज देवी, संगीता कुमारी, सुनैना देवी, सत्यनारायण ठाकुर, प्रमोद गुप्ता, नरेश ठाकुर, राजकुमार राजू, चंदन कुमार, बनारसी राम, राजेंद्र प्रसाद, वीरेंद्र उरांव आदि का नाम शामिल है.