लातेहार। सामाजिक सह आरटीआई कार्यकर्ता रवि कुमार डे ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि लातेहार का सिकनी कोलियरी बंद होने से अब तक सरकार को अरबों रूपये का नुकसान हो चुका है. इसके अलावा सिकनी पर आधारित हजारों मजदूर बेरोजगार हो गये हैं. सैकड़ों ट्रक ऑनर, चालक व खलासी के समक्ष जीवन यापन करना मुश्किल हो गया हैै. सिकनी के आसपास कभी मेला सा दृश्य होता था, आज वहां सन्नाटा पसरा है. श्री डे ने कहा कि सिकनी कोलियरी को लातेहार का लाइफ लाइन कहा जाता था. सिकनी कोलियरी के कोयले की खपत स्थानीय बाजारों में होती थी. लेकिन आज यह बंद है और इसका जिम्मेवार झारखंड सरकार और झारखंड राज्य खनिज निगम के अधिकारी हैं. श्री डे ने आगे कहा कि लातेहार जिला में डीएमएफटी फंड का दुरूपयोग किया गया है. कई स्तर के जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि जिले में खनन विस्थापित क्षेत्रों में शिक्षा, सड़क, चिकित्सा, बिजली आदि के विकास के बजाय शहरों में सरकारी इमारत बनाये गये हैं. उन्होने कहा कि जिले मे डीएमएफटी फंड की जांच होनी चाहिए. इसके अलावा श्री डे ने कहा कि प्रखंड सह अंचल कार्यालयों मे बिचौलियों के कारण योजनाओं का लाभ लाभुकों को नहीं मिल पा रहा है. उन्होने उपायुक्त संदीप कुुुुमार के कार्योंं की प्रशंसा करते हुए कहा कि उपायुक्त के लगातार कार्यालयों का निरीक्षण करने से अधिकारी व कर्मचारियों में हड़कंप है. श्री डे ने कहा कि प्रखंड सह अंचल कार्यालयों में ग्रामीणों को बेवजह कार्यालयों का चक्कर लगाया जाता है. उपायुक्त के इस पहल से इस पर अंकुश लगेगा.