लातेहार: हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में हुई घटना को लेकर लातेहार में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने जिला कार्यालय में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। यह प्रेस वार्ता केंद्रीय निर्देश पर जिला अध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव के आदेशानुसार आयोजित की गई।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए झामुमो के नेताओं ने कहा कि भाजपा राज्य में अशांति का माहौल बनाना चाहती थी, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सच्चाई सामने आ गई। इस दौरान जिला सचिव बुद्धेश्वर उरांव, जिला प्रवक्ता सुशील कुमार यादव, प्रखर नेता सौरभ श्रीवास्तव, केंद्रीय समिति सदस्य सुदामा प्रसाद, अल्पसंख्यक मोर्चा जिला अध्यक्ष इनायत करीम एवं दीपक कुमार मौजूद रहे।
मीडिया से बात करते हुए सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि आरोपी के भाजपा से जुड़े होने का खुलासा होने के बाद भाजपा नेताओं ने मीडिया से दूरी बना ली। उन्होंने भाजपा के एक प्रदेश प्रवक्ता द्वारा दिए गए बयान का जिक्र करते हुए कहा कि झारखंड की गलियों में ‘रहमान डकैत’ जैसे शब्दों का प्रयोग राज्य की छवि को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान खेल और प्रतिभा से है, जहां महेंद्र सिंह धोनी, सलीम टेटे और दीपिका कुमारी जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। सौरभ ने आगे कहा कि भाजपा के नेताओं को फिल्मों और वेब सीरीज की भाषा में बयानबाजी करने से बचना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए वेब सीरीज आश्रम के ‘निराला बाबा’ जैसे किरदार का जिक्र किया और कहा कि ऐसे संदर्भ झारखंड जैसे शांतिप्रिय राज्य के लिए अपमानजनक हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कई चर्चित मामलों पर भाजपा की चुप्पी और झारखंड की लोकप्रिय सरकार पर बेबुनियाद आरोप उनके दोहरे चरित्र को दर्शाता है। सौरभ ने कहा कि हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन की बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा नेता घबराए हुए हैं और इसी कारण मुद्दों को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। जिला सचिव बुद्धेश्वर उरांव ने कहा कि विष्णुगढ़ की घटना भाजपा के दोहरे चरित्र को उजागर करती है। वहीं जिला प्रवक्ता सुशील कुमार यादव ने कहा कि घटना के बाद भाजपा का कोई भी बड़ा नेता मीडिया के सामने नहीं आया, जबकि उनके ही प्रखंड स्तर के पदाधिकारी इस मामले में शामिल पाए गए।
झामुमो नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा ने झारखंड में बंद बुलाकर राज्य को अस्थिर करने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासन की तत्परता से उनकी मंशा विफल हो गई।